कांग्रेस हाईकमान को पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू की इतनी ही जरूरत थी

By अशोक मधुप | Sep 30, 2021

पंजाब कांग्रेस में चल रही नौंटकी जनता का मनोरंजन तो खूब कर रही है किंतु कांग्रेस को तो नुकसान हो ही रहा है। राजनैतिक अखाड़े में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने कुश्ती से पहले ही पार्टी के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को किनारे लगा दिया। अब खुद अकड़ दिखाकर अखाड़े से बाहर आ गए। कांग्रेस पजांब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से नाराज थी। पिछले चुनाव से लेकर यह चल रहा है। इस दौरान उनके केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से भेंट करने की खबर आते ही कांग्रेस ने उन्हें किनारे करने की सोच ली थी। इसके लिए उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू को इस्तमाल किया। उन्हें कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पंजाब कांग्रेस को मजबूत करने का नहीं बल्कि मुखयमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को आउट करने की ठान ली थी। इसके लिए सिद्धू को बढ़ाया गया। जब अमरिंदर सिंह आउट हो गए तो सिद्धू के पर कतरने शुरू कर दिये गए।

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प्रदेशों में कांग्रेस हाईकमान को उसकी हां में हां मिलाने वाले चेहरे चाहिए। वह चेहरा उसे चरणजीत सिंह चन्नी के रूप में मिल चुका है। केंद्रीय नेतृत्व नवजोत सिंह सिद्धू का इस्तेमाल करने में सफल रहा है। इतनी ही उसकी जरूरत भी थी। कांग्रेस हाईकमान जानता था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू ही किनारे लगा सकते हैं। इससे पहले हाईकमान ने सुनील जाखड़ को ताकत दी। जाखड़ भी कैप्टन के हाथों में खेलकर रह गए। प्रताप सिंह बाजवा को भी हाईकमान ने अवसर दिया लेकिन कांग्रेस विधायकों ने उनका साथ नहीं दिया। अब कांग्रेस हाईकमान ने सिद्धू का प्रयोग किया। कैप्टन को किनारे लगाने के बाद सिद्धू ने मुख्यमंत्री बनने के लिए भागदौड़ तो खूब की, पर कांग्रेस ने उन्हें तवज्जो नहीं दी। सिद्धू मुख्यमंत्री न बनने के वक्त की नजाकत समझ जाते तो उन्हें इतना अपमानित न होना पड़ता। पंजाब में चल रही सियासी उठापटक के बीच आलाकमान पर दबाव डालने का प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू का यह आखिरी पैंतरा है। पार्टी प्रधान पद से इस्तीफा देने के बाद सिद्धू के पास दबाव बनाने का और कोई पैंतरा नहीं बचेगा। कांग्रेस कैप्टन अमरिंदर सिंह को किनारे करने में सिद्धू का जितना उपयोग किया जा सकता था, वह हो चुका है। अब वह भी नया कैप्टन अमरिंदर सिंह बनने वालों की लाइन में हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को पूरे अधिकार देकर कांग्रेस हाईकमान उनके नेतृत्व में ही वहां चुनाव कराना चाहता है। कांग्रेस हाईकमान जान गया है कि जैसे कैप्टन को संतुष्ट करना संभव नहीं था, ऐसे ही सिद्धू को संतुष्ट करना संभव नहीं है।

-अशोक मधुप

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

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