By अभिनय आकाश | May 31, 2023
दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बीते दिनों वकील और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अश्विनी उपाध्याय की याचिका को खारिज कर दिया था। याचिका में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा बिना किसी पहचान प्रमाण के 2000 रुपए के नोट बदलने की अनुमति को चुनौती दी गई थी।
उपाध्याय ने अदालत से कहा कि वह बैंकनोटों को वापस लेने के फैसले को चुनौती नहीं दे रहे हैं, लेकिन बिना किसी पर्ची या पहचान प्रमाण के एक्सचेंज का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैंक खातों में जमा के माध्यम से नोटों के आदान-प्रदान की अनुमति दी जानी चाहिए। याचिका में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि उच्च मूल्य वाली मुद्रा में नकद लेनदेन भ्रष्टाचार का मुख्य स्रोत था। उन्होंने कहा कि इसका उपयोग आतंकवाद, नक्सलवाद, अलगाववाद, कट्टरवाद, जुआ, तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग, अपहरण, जबरन वसूली, रिश्वत, दहेज आदि जैसी अवैध गतिविधियों के लिए किया जाता है।