By अनन्या मिश्रा | Aug 28, 2026
मेनोपॉज होने के बाद महिलाओं को पीरियड्स आना पूरी तरह से बंद हो जाते हैं। वहीं उनके शरीर में एस्ट्रोजन का लेवल ज्यादा घट जाता है। महिला की सेहत के लिए हार्मोन बेहद जरूरी है। अगर इसके लेवल में कमी आ जाए, तो कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। जैसे योनि से संबंधित समस्या होना या हड्डियां कमजोर होना आदि। हालांकि मेनोपॉज के बाद कई महिलाएं यौन संबंध बनाते समय तेज दर्द महसूस करती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि क्या मेनोपॉज के बाद यौन संबंध बनाते समय दर्द होना सामान्य है।
दरअसल, महिलाओं के शरीर में मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन का लेवल तेजी से घटता है। एस्ट्रोजन वह हार्मोन है, जो वजाइनल ड्राईनेस की समस्या को दूर करता है, साथ ही योनि में इचिंग या संक्रमण होने से भी बचाता है। जब शरीर में एस्ट्रोजन का लेवल तेजी से घटने लगता है, तो योनि में ड्राईनेस हो जाती है। जिस कारण यौन संबंध बनाने के दौरान महिलाओं को दर्द का एहसास होता है।
यौन संबंध के लिए महिलाओं की योनि में इलास्टिसिटी का होना बेहद जरूरी होता है। लेकिन मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन के लेवल में कमी आने की वजह से वजाइनल टिश्यूज कमजोर हो जाती हैं। जिस कारण योनि भी इलास्टिसिटी प्रभावित होती है। जिस कारण यौन संबंध बनाने पर फ्रिक्शन सही से नहीं होता है। वहीं इसलिए महिलाओं को भी दर्द का एहसास होता है। अगर वजाइनल ड्राईनेस अधिक होती है, तो संभोग के दौरान प्रभावित हिस्सा छिल सकता है या इसमें से खून निकल सकता है।
मेनोपॉज के बाद यौन इच्छा में कमी आने की सबसे बड़ी वजह योनि में सूखापन होना है। जब महिलाओं को नियमित रूप से पीरियड्स होते हैं, तो एस्ट्रोजन का लेवल संतुलित रहता है। जिस कारण योनि में प्राकृतिक लुब्रिकेशन रहता है। ऐसे में यौन संबंध में किसी तरह की परेशानी नहीं होती है। मेनोपॉज होते ही महिलाओं की योनि में सूखापन बढ़ जाता है। जोकि यौन संबंध बनाने में दर्द के एहसास को बढ़ा सकती है।
मेनोपॉज के बाद यौन संबंध के समय होने वाले दर्द की बड़ी वजह एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी या फिर योनि का सूखापन है। लेकिन सिर्फ इसको अकेला कारण नहीं समझा जाना चाहिए।
मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन के लेवल में कमी की वजह से पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां सिर्फ कमजोर ही नहीं बल्कि सख्त भी हो जाती हैं। लेकिन जब यह मांसपेशियां रिलैक्स नहीं हो पाती हैं, तो इनमें जकड़न या ऐंठन जैसी समस्याएं हो जाती है। इसलिए पोस्ट मेनोपॉजल महिलाओं के लिए शारीरिक संबंध बनाना मुश्किल हो जाता है। वहीं संभोग के दौरान तेज दर्द, रगड़ या रुकावट का एहसास होता है।
अगर मेनोपॉज के बाद यौन संबंध बनाते हुए दर्द का एहसास होता है। तो इसको इग्नोर नहीं करना चाहिए। आप कुछ सावधानियां बरतकर इस समस्या से निजात पा सकती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक इसमें वजाइनल एस्ट्रोजन थेरेपी काफी कारगर तरीके से काम करती है। एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होने की वजह से योनि में सूखापन होता है। इस कारण अक्सर डॉक्टर प्रभावित जगह पर एस्ट्रोजन लगाने की सलाद देते हैं।
गोलियां, क्रीम या धीरे-धीरे असर करने वाली रिंग्स एस्ट्रोजन की छोटी खुराक सीधे तौर पर टिश्यूज कर जाती है। इससे काफी हद तक आराम मिलता है। वहीं डॉक्टर आपको प्रिस्क्रिप्शन हार्मोन लेने की भी सलाह दे सकते हैं। अक्सर इस समस्या से बचाव के लिए लोकल वजाइनल ट्रीटमेंट जैसे रिंग्स, एस्ट्रोजन क्रीम या गोलियों का इस्तेमाल किया जाता है। आपके बाकी शरीर में यह इलाज बहुत ही कम मात्रा में हार्मोन पहुंचाता है।
अगर हर बार यौन संबंध बनाने के बाद ब्लीडिंग या स्पॉटिंग होती है।
मॉइश्चराइजर लगाने के बाद भी अगर दर्द में कमी नहीं होती है।
हर बार यौन संबंध बनाने के दौरान दर्द बढ़ जाता है।
प्रभावित स्किन छिल जाती है या फिर खून आने लगता है।
अगर आपको बार-बार यूरिन इंफेक्शन हो रहा है।