कर्ण नहीं अर्जुन बनने की चाह लिये शिवसेना विधायक क्यों कर रहे बीजेपी से मेल-मिलाप की बात, MVA पर क्या होगा असर?

By अभिनय आकाश | Jun 22, 2021

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा कथित तौर पर 175 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच का सामना कर रहे शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने हाल ही में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र लिखकर उन्हें बचाने के लिए भाजपा के साथ समझौता करने का अनुरोध किया था। उनका कहना है कि शिवसेना नेताओं को केंद्रीय एजेंसियों द्वारा परेशान किया जा रहा है। विधायक ने कांग्रेस और राकांपा पर शिवसेना के हितों के खिलाफ काम करने का भी आरोप लगाया। ऐसे में आज के विश्लेषण में हम बात करेंगे की आखिर शिवसेना विधायक को ऐसा पत्र लिखने की नौबत क्यों आ गई। महाविकास अघाड़ी गठबंधन के भविष्य के लिए इसका क्या अर्थ है।

प्रताप सरनाइक कौन हैं ?

प्रताप सरनाईक के राजनीतिक करियर की शुरुआत ठाणे से हुई थी।1997 में उन्होंने पहली बार ठाणे नगर निगम का चुनाव  जीता और पार्षद बने। वह लगातार दो बार पार्षद रह चुके हैं। इस दौरान वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे। 2008 में प्रताप सरनाईक एनसीपी छोड़कर शिवसेना में शामिल हो गए। 57 वर्षीय प्रताप सरनाईक, ठाणे में ओवाला-मजीवाड़ा विधानसभा सीट से तीन बार शिवसेना के विधायक हैं और मीरा-भायंदर के पार्टी प्रभारी हैं। पिछले सितंबर में उन्हें प्रवक्ता बनाया गया था। 1980 के दशक में ठाणे में एक ऑटोरिक्शा चालक, सरनाइक, अपने विहंग ग्रुप ऑफ कंपनीज के माध्यम से शहर के रियल एस्टेट परिदृश्य में एक बड़ा नाम हैं, जिनका ठाणे, मुंबई और उसके आसपास होटल व्यवसाय भी चलता है। पिछले साल, सरनाईक कई मुद्दों पर भाजपा के खिलाफ मुखर रहे थे, जिसमें इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक की आत्महत्या की फिर से जांच की मांग करना शामिल था, जिसमें रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी और दो अन्य पर आरोप लगाते हुए एक नोट बकाया राशि को लेकर एक नोट छोड़ा गया था। उन्होंने अर्नब गोस्वामी के खिलाफ विधान सभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव भी रखा था, जिसमें उन पर "अपमानजनक भाषा" का उपयोग करने और ठाकरे और राकांपा अध्यक्ष शरद पवार के खिलाफ निराधार टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। प्रताप सरनाईक ने मुंबई की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से तुलना करने के लिए अभिनेत्री कंगना रनौत पर निशाना साधा था। नवंबर 2020 में, ईडी ने कथित 175 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरनाईक के आवास और कार्यालय पर छापा मारा और मामले में सरनाईक की भूमिका की जांच जारी है।

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उद्धव को लिखी चिट्ठी में सरनाइक ने क्या कहा है?

शिवसेना के विधायक प्रताप सरनाईक ने उद्धव ठाकरे से अपील की कि ‘‘बहुत देर हो जाए इससे पहले’’ भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मेल-मिलाप कर लें। उनका कहना है कि इस कदम से उनके जैसे नेता बच जाएंगे जिनके लिए ‘‘केंद्रीय एजेंसियां’’ समस्या पैदा कर रही हैं। सरनाईक ने 9 जून को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि कांग्रेस और राकांपा, शिवसेना में गुटबाजी को बढ़ावा देकर इसे कमजोर कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारे बहुत से समर्थकों को लगता है कि ऐसा करने से प्रताप सरनाईक, अनिल परब और रवींद्र वायकर और उनके परिवारों का उत्पीड़न बंद हो जाएगा। सरनाईक ने अपने पत्र में कहा है कि यद्यपि भाजपा से गठबंधन टूट गया है, लेकिन ‘युति’ (भाजपा-शिवसेना) के नेताओं के बीच व्यक्तिगत और सौहार्दपूर्ण संबंध बने हुए हैं। विधायक ने अपने पत्र में कहा है, ‘‘बहुत देर होने से पहले मेलमिलाप करना बेहतर रहेगा।’’ यह उल्लेख करते हुए कि मुंबई सहित महाराष्ट्र के कई शहरों में नगर निकाय चुनाव होने हैं, सरनाईक ने मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘‘अभिमन्यु और कर्ण की तरह स्वयं का बलिदान करने की जगह मैं अर्जुन की तरह युद्ध लड़ने में विश्वास करता हूं। यही कारण है कि अपने नेताओं या सरकार से कोई मदद लिए बिना मैं पिछले सात महीने से अपनी कानूनी लड़ाई लड़ रहा हूं।’’ उल्लेखनीय है कि भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने आरोप लगाया था कि उक्त तीनों शिवसेना नेता भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त हैं। सरनाईक ने अपने पत्र में सोमैया का नाम नहीं लिखा, लेकिन कहा कि ‘‘एक नेता जो शिवसेना की वजह से ‘पूर्व सांसद’ हो गए हैं’’ पार्टी की छवि खराब कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना विधायकों को लगता है कि पार्टी के लोगों का काम नहीं हो रहा और केवल कांग्रेस तथा राकांपा के विधायकों का काम ही हो रहा है। 

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बीजेपी नेता बोले- शिवसेना विधायक जेल को लेकर हैं चिंतित 

बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने सरनाईक के पत्र पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि शिवसेना विधायक अब जेल को लेकर चिंतित हैं और इसीलिए उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकरे से प्रधानमंत्री मोदी तथा भाजपा से हाथ मिलाने को कहा है। भाजपा नेता ने एक बयान में कहा, ‘‘शिवसेना के सभी भ्रष्ट नेता-प्रताप सरनाईक, अनिल परब और रविंद्र वायकर जेल जाएंगे।’’ सोमैया ने यह भी कहा कि उन्होंने सरनाईक के पिछले 100 दिन से ‘‘लापता’’ होने के बारे में ठाणे स्थित एक थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। 

संजय राउत ने कहा- दिक्कत में हैं सरनाइक

सरनाईक के पत्र के बारे में पूछे जाने पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि शिवसेना में केवल एक गुट है जो उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी पार्टी अब तक गुटबाजी से प्रभावित नहीं हुई है। शिवसेना के सभी नेताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद कांग्रेस और राकांपा से हाथ मिलाने का निर्णय किया गया था।’’ राउत ने कहा कि प्रताप सरनाईक शिवसेना के नेता हैं और ‘‘दिक्कत में हैं।’’ उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को केंद्रीय जांच एजेंसियां परेशान कर रही हैं और इसलिए वह चाहते हैं कि पार्टी प्रधानमंत्री मोदी से मेल-मिलाप कर ले। राउत ने कहा, ‘‘यह उनकी निजी राय है। पार्टी के रूख पर निर्णय पहले ही हो चुका है। संकट के इस समय में पार्टी सरनाइक के साथ है।’’ उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों द्वारा राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने के मामले का सामना पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस भी कर रही है।

क्या पत्र एमवीए गठबंधन में परेशानी की ओर कर रहे इशारा?

कांग्रेस नेताओं द्वारा दिए जा रहे बयानों से गठबंधन में बेचैनी है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार की गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि उनकी पार्टी अगला विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। पार्टी के स्थापना दिवस कार्यक्रम में सैनिकों को संबोधित करते हुए, ठाकरे ने जवाब दिया कि शिवसेना एक नारा भी दे सकती है अकेले जाओ।  ठाकरे के बयान को सहयोगियों के लिए एक कड़े संदेश के रूप में देखा गया कि वह सहयोगियों के किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कह दिया कि उद्धव ने कहा कि अगर कोई अकेले लड़ने की बात करेगा तो लोग जूतों से मारेंगे।


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