सिर्फ इन महिलाओं को ही क्यों मिले मैटरनिटी लीव का फायदा? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

By अभिनय आकाश | Nov 12, 2024

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वो गोद लेने वाली माताओं के लिए मातृत्व लाभ पर अपनी नीति स्पष्ट करे, खासकर उन मामलों में जहां गोद लिया गया बच्चा तीन साल से कम उम्र का है। शीर्ष अदालत का फैसला मातृत्व लाभ (संशोधन) अधिनियम, 2017 की धारा 5(4) को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद आया। वर्तमान कानून गोद लेने वाली माताओं को 12 सप्ताह का मातृत्व अवकाश तभी देता है, जब गोद लिया गया बच्चा तीन महीने से छोटा हो। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ ने इस प्रतिबंध के पीछे के तर्क पर सवाल उठाया और केंद्र को मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए एक हलफनामा दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया। 

इसे भी पढ़ें: Yes Milord: घर पर बुलडोजर चलाया, कोर्ट ने योगी सरकार पर 25 लाख का जुर्माना लगाया, मदरसा एक्ट SC में सही साबित, जानें इस हफ्ते कोर्ट में क्या हुआ

केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के नियम भी गोद लेने की प्रक्रिया में एक भूमिका निभाते हैं। CARA के तहत, परित्यक्त या अनाथ बच्चों को बच्चे की उम्र के आधार पर, दो से चार महीने के भीतर बाल कल्याण समिति (CWC) द्वारा गोद लेने के लिए कानूनी रूप से उपलब्ध घोषित किया जाना चाहिए। 

प्रमुख खबरें

Rajasthan Panchayat Election के तीसरे चरण में दोपहर एक बजे तक 36.76 फीसदी वोटिंग

Diwali पर आए मेहमानों को चाय के साथ परोसें लौकी के छिलके से बने क्रिस्पी कबाब, नोट करें रेसिपी

Vitamin E Capsule और Petroleum Jelly से बनाएं खास Hand Cream, स्किन रहेगी मुलायम

India vs New Zealand ODI: अनुभवहीन गेंदबाजी के साथ उतरेगी भारतीय टीम, नजरें Rohit और Kohli पर