Twisha Sharma death case: क्यों खारिज हुई सास गिरिबाला सिंह की जमानत? पीड़िता के परिवार के वकील से जानें

By अभिनय आकाश | May 28, 2026

ट्विशा शर्मा हत्याकांड में पीड़िता के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने बताया कि जबलपुर उच्च न्यायालय ने सभी पक्षों की दलीलें और जांच से संबंधित आपत्तियों पर विचार करने के बाद मृतक ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी। इस मामले में नवगठित भारतीय न्याय संहिता, 2023 और दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के तहत गंभीर आरोप हैं। एएनआई से बात करते हुए पांडे ने बताया कि उच्च न्यायालय ने जमानत आदेश रद्द करने से पहले गिरिबाला सिंह, राज्य पक्ष और ट्विशा शर्मा के पिता की दलीलें सुनीं।

पांडे ने आगे आरोप लगाया कि जमानत मिलने के बाद गिरिबाला सिंह ने ट्विशा शर्मा की छवि खराब करने की कोशिश की और जांचकर्ताओं के साथ सहयोग नहीं किया। उन्होंने कहा,यह भी तर्क दिया गया कि जमानत मिलने के बाद, गिरिबाला सिंह ने ट्विशा शर्मा की छवि खराब करने की कोशिश की और जांचकर्ताओं के साथ सहयोग नहीं किया। इन बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए, उच्च न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी। मामले की घटनाक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गिरिबाला सिंह और ट्विशा के पति समर्थ सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद समर्थ सिंह कई दिनों तक फरार रहे और फिर जबलपुर में आत्मसमर्पण कर दिया। पांडे ने कहा, “गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के नाम पर एफआईआर दर्ज होने के बाद, समर्थ सिंह कई दिनों तक फरार रहा और फिर जबलपुर में आत्मसमर्पण कर दिया।  पांडे ने एफआईआर दर्ज करने में देरी का भी आरोप लगाया और मामले में अग्रिम जमानत दिए जाने की गति पर सवाल उठाया।

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उन्होंने आगे कहा, “एफआईआर दर्ज करने में तीन दिन की देरी हुई, और जांच के 24 घंटे से भी कम समय में अग्रिम जमानत दे दी गई, जो इतने गंभीर मामले के लिए असामान्य रूप से तेज है। पीड़ित परिवार ने अधिकारियों से बार-बार शिकायत की, पत्र लिखे और चिंताएं जताईं। जमानत के आदेश से आहत होकर, पीड़ित के पिता ने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी, और बाद में राज्य भी इसमें शामिल हो गया, यह तर्क देते हुए कि जमानत देना अनुचित था।

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मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने बुधवार को गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत रद्द कर दी। उच्च न्यायालय ने भोपाल के 10वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा 15 मई को सिंह को दी गई पिछली राहत को रद्द कर दिया। गिरिबाला सिंह पर दहेज हत्या के लिए धारा 80(2), पति या रिश्तेदारों द्वारा महिला के साथ क्रूरता के लिए धारा 85 और कई व्यक्तियों द्वारा एक सामान्य इरादे से किए गए कृत्यों के लिए धारा 3(5) के तहत आरोप लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, उन पर दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। यह घटनाक्रम नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा की मृत्यु के बाद सामने आया है, जिनकी कथित तौर पर उनके पति और उसके परिवार द्वारा मानसिक यातना और दहेज उत्पीड़न के कारण मृत्यु हो गई थी।

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