भारत में क्यों छापा गया था जीरो रुपये का नोट? जानिए इसका कारण

By टीम प्रभासाक्षी | Jan 11, 2022

हमने और आपने भारत में 1,2 और 5 रुपये के नोट जरूर देखे होंगे। 8 नवंबर 2016 से पहले 500 और 1000 के नोट भी चलन में थे लेकिन उन्हें बंद कर दिया गया। लेकिन इस खबर में हम आपको 0 रुपये के नोट के बारे में बताएंगे। 0 का नोट सुनकर आप हैरान जरूर हुए होंगे, मन में सवाल भी आया होगा कि जिसकी कोई कीमत ही नहीं है उस नोट की क्या जरूरत हो सकती है। लेकिन हैरानी की बात बस इतनी ही नहीं है बल्कि आपको बता दें यह 0 का नोट भारत में ही छपा था।

आरबीआई नहीं तो किसने छापे थे नोट?

0 रुपये क्या यह नोट दरसल तमिलनाडु के एक एनजीओ फिफ्थ फिलर के द्वारा 2007 में छापे गए थे, इतना ही नहीं इस एनजीओ ने जनता में भी पैसे बांटे थे। एनजीओ के द्वारा हिंदी, तेलुगू, कन्नड़ और मलयालम भाषा में 5 लाख के करीब नोट बांटे गए थे। इन नोटों को अलग-अलग जगहों जैसे बाजार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट पर भी बांटा गया था इन नोटों को इन जगहों पर बांटने का कारण रिश्वत मांगने वाले लोगों को सबक सिखाना था। अगर ऐसी जगहों पर लोगों से कोई रिश्वत मांगे तो लोग उन्हें यही 0 का नोट दे दें। इससे लोगों में जागरूकता लाने की भी कोशिश की गई।

0 का नोट

 इस 0 के नोट पर एनजीओ का नाम लिखा था। इस पर लिखा था हर स्तर से भ्रष्टाचार का खात्मा करें। इस नोट पर भी दूसरे नोटों की तरह ही महात्मा गांधी की तस्वीर बनी थी। नोट के पीछे की तरफ अधिकारियों के नंबर लिखे थे। लोगों से यह कहा गया था कि अगर कोई उनसे रिश्वत मांगे तो वे उन्हें यही नोट पकड़ा दें। इस नोट पर रिश्वत ना लेने और रिश्वत ना देने की बात भी बात भी लिखी थी। यह नोट काफी समय तक लोगों के पास था।

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