क्या राज्यसभा जाएंगे बाबुल सुप्रियो ? उच्च सदन से अर्पिता घोष के इस्तीफे का पूरा गणित समझिए

By अंकित सिंह | Sep 18, 2021

हाल में ही तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अर्पिता घोष ने अपना इस्तीफा दे दिया था। राज्यसभा अध्यक्ष वेंकैया नायडू की ओर से अर्पिता घोष के इस्तीफे को मंजूर भी कर लिया गया था। लेकिन अब इसके मायने निकाले जा रहे हैं। हाल में तृणमूल कांग्रेस में भाजपा से सांसद बाबुल सुप्रियो शामिल हो गए। बाबुल सुप्रियो आसनसोल से सांसद हैं। अब जब बाबुल सुप्रियो टीएमसी में शामिल हो गए हैं। ऐसे में उन पर दल बदल कानून लागू होगा। उन्हें लोकसभा सदस्य के तौर पर इस्तीफा देना पड़ सकता है। इस परिस्थिति में बाबुल सुप्रियो को राज्यसभा में टीएमसी भेज सकते हैं। सूत्र यह बता रहे हैं कि अर्पिता घोष ने इस्तीफा इसी वजह से लिया था कि उन्हें पार्टी की ओर से कहा गया था कि कोई हेवी वेट शामिल होने वाला है जिन्हें राज्यसभा भेजा जा सकता है। ऐसे में बाबुल सुप्रीयो शामिल होने के बाद इन अटकलों को बल मिल रहा है। 

भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल हो गए। उन्होंने हाल में राजनीति छोड़ने की घोषणा की थी। पार्टी ने एक ट्वीट में कहा, आज राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन की मौजूदगी में पूर्व केंद्रीय मंत्री व मौजूदा सांसद बाबुल सुप्रियो तृणमूल परिवार में शामिल हो गए। पिछले महीने सुप्रियो ने घोषणा की थी कि वह राजनीति छोड़ रहे हैं, लेकिन बाद में उन्हें लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं देने के लिए मना लिया गया था। सुप्रियो ने जोर देकर कहा था कि वह अब सक्रिय राजनीति का हिस्सा नहीं रहेंगे। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए आसनसोल के सांसद सुप्रियो ने कहा था कि वह एक सांसद के रूप में अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना जारी रखेंगे, लेकिन राजनीति से दूर रहेंगे। साथ ही वह राष्ट्रीय राजधानी में अपना आधिकारिक आवास खाली कर देंगे।

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अर्पिता घोष को तृणमूल कांग्रेस की बंगाल इकाई का महासचिव बनाया गया

 तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शुक्रवार को पूर्व सांसद अर्पिता घोष को पार्टी की प्रदेश इकाई का महासचिव नियुक्त किया। इससे दो दिन पहले ही राज्यसभा के सभापति ने उच्च सदन से उनका इस्तीफा स्वीकार किया था। टीएमसी की राज्य इकाई के अध्यक्ष सुब्रत बख्शी ने घोष को लिखे पत्र में यह घोषणा की। उन्होंने बृहस्पतिवार को जोर देकर कहा था कि राज्यसभा सदस्य के रूप में इस्तीफा देने का फैसला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श करने के बाद लिया गया था, और यह उन पर थोपा नहीं गया था। रंगमंच से जुड़ी रहीं घोष पूर्व में लोकसभा सदस्य भी रह चुकी हैं। 

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