By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 03, 2019
बेंगलुरु। कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि उपचुनाव के बाद अगर भाजपा बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंचती है तो उसे जद(एस) के साथ हाथ मिलाने की संभावना पर ऐतराज नहीं है। वहीं जद(एस) ने भी मिले-जुले संकेत दिए हैं। कांग्रेस और जद (एस) ने राज्य में 14 महीने तक मिलकर सरकार चलाई थी और गठबंधन में लोकसभा चुनाव लड़ा था। मगर इस साल 17 विधायकों की बगावत की वजह से एचडी कुमारस्वामी की अगुवाई वाली सरकार के गिरने के बाद, दोनों पार्टियों ने अपने रास्ते अलग अलग कर लिए थे और पांच दिसंबर को होने वाला उपचुनाव भी दोनों पार्टियां अलग अलग लड़ रही हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि कांग्रेस और जद(एस) के लिए भाजपा ‘साझा दुश्मन’ है । इसलिए दोनों पार्टियों का साथ आना अपरिहार्य है। उन्होंने हुंसूर में पत्रकारों से कहा कि हमारे निशाने पर भाजपा है और दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है। इसलिए गठबंधन अपरिहार्य है। वहीं जद(एस) के संरक्षक और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने सोमवार को कहा कि वह भाजपा और कांग्रेस, दोनों से समान दूरी रखकर अपनी पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। इससे कुछ दिन पहले उन्होंने संकेत दिया था कि कर्नाटक में सोनिया गांधी नीत पार्टी से गठबंधन किया जा सकता है। इस बीच कुमारस्वामी ने हुबली में कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार से कथित रूप से मुलाकात की, जिससे गठबंधन होने का संकेत गया। राज्य में 15 सीटों के लिए होने जा रहे उपचुनाव में भाजपा को बहुमत हासिल करने के लिए कम से कम छह सीटें जीतना जरूरी है।