मणिपुर में कांग्रेस गोवा मॉडल के जरिये अपने प्रत्याशियों को बचाएगी? निष्ठा की शपथ दिलाई जाएगी

By अभिनय आकाश | Jan 25, 2022

मणिपुर में इस फरवरी-मार्च में होने वाले चुनावों में पिछले पांच वर्षों में भाजपा से अपने 42% विधायकों गंवाने के बाद कांग्रेस दलबदल को रोकने के लिए गोवा की तरह शपथ दिलवाने की योजना बना रही है। मणिपुर में 2017 में कांग्रेस के जितने विधायक जीते थे, उनमें से तकरीबन आधे (42 फीसदी) विधायक बीते साढ़े चार साल में पार्टी छोड़कर भाजपा में चले गए। कांग्रेस ने अब मणिपुर में अपने उम्मीदवारों को इस बार किसी तरह का नुकसान होने से बचाने के लिए निष्ठा की शपथ का प्रस्ताव दिया है। पार्टी ने इससे पहले अपने उम्मीदवारों को पिछले शनिवार को गोवा में एक मंदिर, एक मस्जिद और एक चर्च में ले गई और उन्होंने निर्वाचित होने के बाद कभी भी पार्टी नहीं छोड़ने का संकल्प दिलवाया था। 

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मणिपुर के लिए एआईसीसी पर्यवेक्षक और स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा कि हम उन्हें टिकट देने के बाद किसी तरह की निष्ठा की शपथ लेने पर विचार कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि हम किसी पर भरोसा नहीं करते। ऐसा नहीं है कि आत्मविश्वास की कमी है। हम अच्छी तरह से जानते हैं कि पार्टी द्वारा मैदान में उतारे जाने वाले ये लोग पूरी तरह से कांग्रेसी हैं। वे दर्द, पीड़ा या खुशी में कांग्रेसी बने रहेंगे। पांच साल पहले कांग्रेस 60 में से 28 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। लेकिन फिर भी वो राज्य में सरकार बनाने में सफल नहीं हो पाई थी। 

गोवा में भी दिलाई गई थी शपथ

गोवा में भी कांग्रेस ने पार्टी उम्मीदवारों को ईश्वर के सामने शपथ दिलाई गई है कि वे निर्वाचित होने के बाद पाला नहीं बदलेंगे। कांग्रेस अपने उम्मीदवारों को बस से मंदिर, गिरिजाघर और दरगाह ले गई और उन्हें वहां दल बदल के खिलाफ शपथ दिलाई। 

दो चरणों में चुनाव

देश के पांच राज्यों- मणिपुर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और पंजाब में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। 60 विधानसभा सीटों वाले मणिपुर राज्‍य में विधानसभा चुनाव दो फेज में होंगे। मणिपुर में 27 फरवरी और 3 मार्च को वोटिंग होगी। 10 मार्च को वोटों की गिनती होगी और नतीजों का ऐलान किया जाएगा।

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