42 चले गए लेकिन 13 अभी बाकी हैं, क्या एकनाथ शिंदे छीन लेंगे उद्धव से तीर-धनुष? जानें पूरी प्रक्रिया

By अभिनय आकाश | Jun 24, 2022

महाराष्ट्र की सत्ता और शिवसेना के नेतृत्व का सवाव गंभीर हो गया है। एकनाथ शिंदे ने 42 विधायकों के साथ एक वीडियो जारी कर अपना शक्ति प्रदर्शन भी किया। एकनाथ शिंदे को अपने समूह का नेता घोषित करते हुए, शिवसेना के विद्रोहियों ने गुरुवार को समर्थन का वादा किया और उन्हें अपनी ओर से कोई भी निर्णय लेने के लिए पूर्ण शक्तियाँ प्रदान की गई है। गुवाहाटी के एक पांच सितारा होटल में आयोजित एक बैठक में, शिंदे ने उद्धव ठाकरे के शिवसेना के गुट के खिलाफ राजनीतिक एकता का संदेश देने के लिए विद्रोहियों को संबोधित किया। शिंदे खेमे के एक सूत्र ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि हर कदम विचार विमर्श के बाद उठाया जा रहा है।  हम प्रत्येक निर्णय के बारे में जानते हैं।" एक वरिष्ठ बागी नेता ने कहा, "शिंदे ने हम सभी को आश्वस्त किया है कि हम असली सेना बनने जा रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: 'शरद पवार को केंद्र के एक मंत्री दे रहे धमकी', संजय राउत बोले- क्या ऐसी धमकियों को PM मोदी का है समर्थन ?

शिंदे को महाराष्ट्र विधानसभा में एक अलग समूह बनने के लिए कम से कम 37 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी। साथ ही अलग पार्टी बनाने की प्रक्रिया के लिए मुख्य चुनाव आयोग के समक्ष एक आवेदन दाखिल करना होगा। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही किसी पार्टी को चुनाव चिह्न आवंटित किया जाएगा। हालांकि, अंदरूनी सूत्रों ने आगाह किया कि अगर शिंदे मूल शिवसेना और उसके धनुष और तीर के प्रतीक पर दावा करते हैं, तो इसके लिए पूरी प्रक्रिया होती है। नियम होते हैं, जिसके तहत चुनाव चिन्ह पर फैसला लिया जाता है। 

इसे भी पढ़ें: शह और मात के खेल में उतरे पवार, क्या संजीवनी बूटी देकर संकट से उद्धव को बचा पाएंगे ?

ठाकरे खेमे ने शिंदे को पहले ही शिवसेना विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया है। महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष नरहरि जिरवाल ने भी अजय चौधरी को शिंदे की जगह सदन में शिवसेना समूह के नेता के रूप में नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। शिंदे ने ज़िरवाल को लिखे एक पत्र में उनके निष्कासन का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि पद से उनका निष्कासन अमान्य था, क्योंकि जिस बैठक में चौधरी को नियुक्त किया गया था, उसमें केवल 15 से 16 सदस्यों ने भाग लिया था। शिंदे ने यह भी लिखा कि वह सुनील प्रभु को भरत गोगावले की जगह शिवसेना विधायक दल का मुख्य सचेतक नियुक्त कर रहे हैं। हालांकि, विधान भवन के एक अधिकारी ने कहा, 'हमें शिंदे की ओर से ऐसा कोई पत्र नहीं मिला है। भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, 'तकनीकी गड़बड़ी की आशंका है। नतीजतन, अगली कार्रवाई में कुछ समय लगेगा।  

प्रमुख खबरें

मानसून में Transparent Top न बन जाए Fashion Blunder, इन 3 Tricks से पाएं Glamorous Look

Punjab Congress में सुलह की कोशिशें तेज, Baghel कल Channi से मिलेंगे

Ethanol Blended Petrol के बारे में Ministry of Petroleum and Natural Gas ने दिए तमाम सवालों के जवाब

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे मजबूत होकर 95.33 के स्तर पर बंद हुआ