India-US Deal से बदलेगी MSME की तकदीर? Hardeep Puri बोले- युवाओं के लिए खुलेंगे Jobs के नए अवसर

By अंकित सिंह | Feb 07, 2026

भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के ढांचे के सिद्धांतों को औपचारिक रूप दे दिया है। भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस घोषणा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में एक साझा, समृद्ध भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता बताया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते का उद्देश्य 'मेक इन इंडिया' पहल को बढ़ावा देना और कृषि, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और स्टार्टअप सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक अवसर पैदा करना है, साथ ही दोनों देशों के बीच निवेश और प्रौद्योगिकी साझेदारी को मजबूत करना है।

6 फरवरी को भारत और अमेरिका ने पारस्परिक और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार से संबंधित एक अंतरिम समझौते के लिए रूपरेखा की घोषणा की। संयुक्त बयान में कहा गया है कि यह रूपरेखा 13 फरवरी, 2025 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) वार्ता के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है, जिसमें अतिरिक्त बाजार पहुंच प्रतिबद्धताएं और अधिक लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं को समर्थन देना शामिल होगा।

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संयुक्त बयान के अनुसार, अमेरिका भारतीय मूल के सामानों पर 18 प्रतिशत की पारस्परिक शुल्क दर लागू करेगा, जिसमें वस्त्र और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, जैविक रसायन, घरेलू सजावट, हस्तशिल्प उत्पाद और कुछ मशीनरी शामिल हैं। संयुक्त बयान में यह भी कहा गया है कि अमेरिका राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए भारत से आयातित कुछ विमानों और विमान पुर्जों पर लगाए गए शुल्क को हटा देगा।

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