इस्लामी राष्ट्र पाकिस्तान क्या पेशावर की घटना से कोई सबक सीखेगा?

By डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Feb 02, 2023

पाकिस्तान के शहर पेशावर में हुए विस्फोट ने पूरे देश और सरकार को हिलाकर रख दिया है। शाहबाज़ सरकार आर्थिक संकट से पहले ही जूझ रही है, अब इस विस्फोट ने जले पर नमक छिड़क दिया है। इस विस्फोट में हताहतों की संख्या बढ़ती जा रही है। लगभग 100 लोग तो मर चुके हैं और डेढ़ सौ लोग बुरी तरह से घायल हो गए हैं। यह विस्फोट भी कहां हुआ है? पेशावर की एक मस्जिद में। और वह किस वक्त हुआ है? दोपहर की नमाज के वक्त! दूसरे शब्दों में तहरीके-तालिबान के आतंकवादियों ने इस्लाम का भी अपमान कर दिया है। वे लोग अपने को कट्टर इस्लामी कहते हैं और उन्होंने मस्जिद में ही विस्फोट करवा दिया। इस्लामी राष्ट्र होने का दावा करने वाला पाकिस्तान इस घटना से कोई सबक सीखेगा या नहीं? उसने आतंकवाद को इसलिए बढ़ावा दिया कि वह भारत से कश्मीर छीन सकेगा।

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दोनों पंजाबी वर्चस्व के खिलाफ कटिबद्ध हैं। इसीलिए डूरेन्ड लाइन पर भी फिर से विवाद छिड़ गया है। कितने आश्चर्य की बात है कि काबुल की तालिबान सरकार को अभी तक पाकिस्तान सरकार ने औपचारिक मान्यता भी नहीं दी है। पाकिस्तान के गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह ने कहा है कि इस हमले का इस्लाम से कुछ लेना-देना नहीं है। नमाज़ पढ़ते हुए मुसलमानों पर हमला करना कुरान की शिक्षा के विरुद्ध है। यदि यह बात ठीक है तो यह मानना पड़ेगा कि या तो पाकिस्तानी तालिबान मुसलमान नहीं हैं या जो लोग मारे गए हैं, उन्हें तालिबान लोग मुसलमान नहीं मानते। ये दोनों बातें गलत हैं। मरने वाले और मारने वाले दोनों ही मुसलमान हैं। इस्लाम का इससे बड़ा अपमान क्या होगा कि मुसलमान ही मुसलमानों को मार रहे हैं।

-डॉ. वेदप्रताप वैदिक

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