By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 26, 2020
नयी दिल्ली। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव ने शनिवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी के बावजूद रेलवे अपनी आमदनी से परिचालन व्यय को पूरा करेगा। इस साल कोरोना वायरस के प्रसार पर काबू के लिए रेलवे की यात्री सेवाएं अभूतपूर्व स्तर पर कम रहीं। यादव ने साल के अंत में होने वाले संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि खर्च पर नियंत्रण के लिए किए गए उपायों और माल ढुलाई से होने वाली आमदनी से यात्री खंड में हुए नुकसान की भरपाई करने में मदद मिलेगी। कोरोना वायरस महामारी के कारण रेलवे को यात्रियों से होने वाली आय इस साल घटकर 87 प्रतिशत घटकर सिर्फ 4,600 करोड़ रुपये रह गयी है जबकि पिछले साल यह 53,000 करोड़ रुपये थी।
उन्होंने कहा कि इस साल रेलवे की सबसे बड़ी उपलब्धियों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को बनाए रखना, श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में 60 लाख से अधिक प्रवासी कामगारों को घर पहुंचाना शामिल है। इसके अलावा चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए रखरखाव और सुरक्षा से जुड़े लंबित कार्यों को पूरा किया गया। बुलेट ट्रेन परियोजना के संबंध में यादव ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने रेलवे को आश्वासन दिया है कि परियोजना के लिए बाकी जमीन अगले चार महीनों में मुहैया करा दी की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसा हो जाने पर, हम पूरी लाइन पर काम शुरू कर सकते हैं। अगले चार महीनों में पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी और फिर आगे के बारे में फैसला किया जाएगा। परियोजना के लिए पहचान की गई 68 प्रतिशत भूमि का अब तक अधिग्रहण हो चुका है।