वक्फ संशोधन बिल को रोकेंगे नीतीश और चंद्रबाबू नायडू? महबूबा मुफ्ती ने पत्र लिख मांगी मदद

By अंकित सिंह | Feb 01, 2025

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एनडीए गठबंधन के सहयोगियों नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू को पत्र लिखकर संसद में प्रस्तावित वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को रोकने का आग्रह करते हुए कहा है कि यह विधेयक मुस्लिम समुदाय के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। मुफ्ती ने नायडू और कुमार को संयुक्त रूप से एक पत्र लिखकर कहा कि दोनों देश के संविधान में विश्वास करते हैं और लगातार गंगा-जमुना भाईचारे की भावना का समर्थन करते हैं।

मुफ्ती ने कहा, "यह गहरा विभाजनकारी बिल बहुसंख्यकवाद की स्पष्ट अभिव्यक्ति है जिसने 2014 से कट्टरता को बढ़ावा दिया है और मुस्लिम समुदाय को हाशिए पर धकेल दिया है।" पूर्व मुख्यमंत्री ने 'जेपीसी के प्रति विपक्ष द्वारा उठाई गई शंकाओं की घोर उपेक्षा' पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस असंवैधानिक और सत्तावादी बिल से सबसे अधिक प्रभावित समुदाय से परामर्श करने के किसी भी वास्तविक प्रयास के बिना परामर्श की कवायद हास्यास्पद लगती है। वक्फ के स्वामित्व वाली संपत्तियों के सुधार के रूप में तैयार किया गया, इसका असली उद्देश्य वक्फ अधिनियम की नींव को कमजोर करना है, जो धार्मिक और धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए मुसलमानों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए समर्पित संपत्तियों की रक्षा और संरक्षण करना है।

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पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के बारे में गांधी के दृष्टिकोण का सार बदला जा रहा है, जिससे देश को बांधने वाले धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह भारत के दिल पर प्रहार करता है जो विविधता, बहुलवाद और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के मूल मूल्यों पर पनपता है। इस बीच श्रीनगर निर्वाचन क्षेत्र से सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस के लोकसभा सदस्य रुहुल्लाह मेहदी ने भी कहा है कि कुमार और नायडू दोनों को विधेयक के समर्थन में मतदान नहीं करना चाहिए।

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