By अंकित सिंह | Jun 09, 2022
उत्तर प्रदेश की राजनीति में ओमप्रकाश राजभर खूब सुर्खियों में रहते हैं। विधानसभा चुनाव के पहले उनकी खूब चर्चा भी होती थी। 2017 में भाजपा के साथ गठबंधन कर चुनावी मैदान में उतरे ओमप्रकाश राजभर कुछ दिनों के बाद ही अपने रास्ते अलग कर लिए थे। 2022 के चुनाव से पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया था। इस गठबंधन में उन्होंने चुनाव भी लड़ा और सिर्फ 6 सीटों पर ही उनकी पार्टी जीत पाई थी। इन सबके बीच खबर यह है कि ओमप्रकाश राजभर समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव से नाराज चल रहे हैं। दरअसल, अखिलेश यादव की ओर से आगामी विधान परिषद चुनाव में ओमप्रकाश राजभर और उनकी पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को नजरअंदाज किया गया है। ओमप्रकाश राजभर लगातार अपने बेटे और पार्टी महासचिव अरविंद राजभर के लिए विधान परिषद का टिकट की मांग कर रहे थे। लेकिन समाजवादी पार्टी की ओर से जो सूची जारी की गई है, उसमें उनका नाम शामिल नहीं था।
वहीं, उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर को भाजपा में शामिल होने का खुला निमंत्रण दिया। उप्र सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह ने समाजवादी पार्टी गठबंधन में टूट की खबरों को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में आरोप लगाया कि सपा ने महान दल के नेता केशव देव मौर्य और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर को धोखा दिया है। उन्होंने कहा कि सपा ने इनके साथ किया वादा नहीं निभाया। दोनों ही दलों की विचारधारा भाजपा से मिलती है। इनकी विचारधारा सपा के साथ मेल नहीं खाती। ओमप्रकाश राजभर दलितों व वंचितों के हक की बात करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उसे पूरा करते हैं।’’ परिवहन मंत्री सिंह ने कहा कि हम सपा गठबंधन से बाहर होने वाले दलों का स्वागत करने के लिए तैयार हैं। उनका स्वागत और अभिनन्दन है। उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा के साथ जिसने भी गठबंधन किया, वह मंत्री बना है। उन्होंने कहा कि अपना दल नेता अनुप्रिया पटेल केंद्र सरकार में व उनके पति आशीष पटेल योगी सरकार में मंत्री हैं, संजय निषाद भी मंत्री हैं। ओम प्रकाश राजभर भी भाजपा से गठबंधन के दौरान पिछली सरकार में मंत्री थे।