क्या 90 प्रतिशत अंक वाले ही बन पाएंगे अग्निवीर? नौसेना अधिकारी ने दिया यह जवाब

By प्रिया मिश्रा | Jul 09, 2022

अग्नीपथ योजना के तहत नेवी में अग्नीवीरों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आपको बता दें कि यह आवेदन प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू हो गई है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए 22 जुलाई तक का समय दिया गया है। ऐसे में नेवी में अग्निवीर बनने का सपना देख रहे युवाओं का लगातार यह सवाल है कि क्या सिर्फ 90 फ़ीसदी अंक वालों को ही नेवी में अग्निवीर बनने का मौका मिलेगा? नेवी की तरफ से इस सवाल का कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया गया है। लेकिन इतना तय है कि नेवी में 3000 पदों के लिए केवल 12,000 युवाओं को ही भर्ती के लिए बुलाया जाएगा। उम्मीदवारों का चयन अंक के आधार पर होगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय नेवी ने अग्निवीरों के लिए 3000 वैकेंसी निकाली है। इसमें से 2800 एसएआर की हैं। इसके लिए आवेदन कर रहे उम्मीदवारों को 12वीं पास होना अनिवार्य है। वहीं 200 वैकेंसी एमआर की है, जिसके लिए शैक्षिक योग्यता 10वीं पास तय की गई है। लेकिन नेवी ने अपने आधिकारिक अधिसूचना में कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं किया है कि कितने फ़ीसदी अंक वाले उम्मीदवार नेवी में अग्निवीर के लिए आवेदन कर सकते हैं।

90% की क्या है कहानी 

इंडियन नेवी की भर्ती प्रक्रिया के अनुसार, जो युवा भर्ती के लिए आवेदन करते हैं उनके डॉक्यूमेंट सही पाए जाने के बाद उन्हें लिखित परीक्षा के लिए बुलाया जाता है। जो उम्मीदवार लिखित परीक्षा में पास होते हैं उनका फिजिकल और मेडिकल टेस्ट होता है। इसके बाद मेरिट के हिसाब से उनका चयन होता है। कोरोना महामारी से पहले तक इसी तरह से नेवी में भर्ती प्रक्रिया चल रही थी। लेकिन इसके बाद एक बदलाव किया गया। नेवी की लिखित परीक्षा ऑफलाइन होती है यानी आवेदकों को परीक्षा केंद्र में जाकर परीक्षा देनी होती है। पहले ऐसा होता था कि जितने युवाओं ने आवेदन किया है और वह मानदंडों को पूरा करते हैं उन सभी को लिखित परीक्षा के लिए बुला लिया जाता था। लेकिन करोना काल के दौरान नेवी एग्जाम सेंटर कम कर दिए गए।

नहीं है कोई परमानेंट एग्जाम सेंटर 

मीडिया रिपोर्ट्स, इंडियन नेवी के एक अधिकारी ने बताया कि नेवी का कोई स्थाई परीक्षा केंद्र नहीं है। किस क्षेत्र में कितने युवाओं ने आवेदन किया है उस हिसाब से एग्जाम सेंटर बनाए जाते थे। पिछले 2 साल में सेंटर की संख्या कम की गई है। सेंटर की संख्या कम हुई तो सभी आवेदकों को लिखित परीक्षा देने के लिए बुलाए जाने की बजाय एक कट ऑफ लिस्ट के हिसाब से परीक्षा देने के लिए बुलाया जाता है। उन्होंने आगे बताया कि इस बार नेवी के एग्जाम के लिए देश में नौ सेंटर बनाए गए हैं। 

इसलिए 90% है जरुरी 

अधिकारी ने बताया कि सेंटर कम होने की वजह से कट ऑफ सिस्टम लागू किया गया है। इस सिस्टम के बाद से एक सीट के लिए 4 आवेदकों को बुलाया जाएगा। इस हिसाब से अगर 3000 वैकेंसी है तो 12000 युवाओं को लिखित परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा।

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