By रेनू तिवारी | Apr 24, 2026
भारत से नेपाल जाने वाले यात्रियों द्वारा ले जाए जाने वाले सामान पर नेपाल सरकार द्वारा सीमा शुल्क लगाए जाने की खबरों के बीच, भारत के विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। नई दिल्ली ने स्पष्ट किया है कि वह इस पूरे घटनाक्रम पर काठमांडू के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘मंत्रालय ने उन खबरों पर ध्यान दिया है जिनमें नेपाल के अधिकारियों द्वारा सीमा पार करने वाले यात्रियों से शुल्क वसूलने की बात कही जा रही है।’’
जायसवाल ने कहा, ‘‘हम समझते हैं कि नेपाल सरकार ने यह कदम मुख्य रूप से अनौपचारिक व्यापार और तस्करी पर अंकुश लगाने के इरादे से उठाया है। हमने नेपाल के एक वरिष्ठ अधिकारी का बयान भी देखा है, जिसमें कहा गया है कि व्यक्तिगत या घरेलू उपयोग के लिए सामान ले जाने वाले आम नागरिकों को कोई परेशानी नहीं होगी।
हम इन घटनाक्रम पर लगातार नजर रखे हुए हैं और संपर्क में हैं।’’ भारत से नेपाल जाने वाले यात्रियों के सामान पर जल्द सीमा शुल्क लगने के दावों संबंधी सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के बारे में पूछे जाने पर, प्रवक्ता ने कहा कि यह प्रावधान नया नहीं है, बल्कि नेपाल इसे अब लागू कर रहा है।
भारत-नेपाल संबंधों पर प्रभाव
भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा (Open Border) होने के कारण रोज़ाना हज़ारों लोग रोटी-बेटी के संबंधों और व्यापार के लिए सीमा पार करते हैं। ऐसे में किसी भी नए शुल्क का सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन पर पड़ सकता है। विदेश मंत्रालय ने यह सुनिश्चित करने की बात कही है कि दोनों देशों के बीच होने वाली सामान्य आवाजाही और द्विपक्षीय संबंधों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।