By अंकित सिंह | Jul 03, 2026
पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट के लिए होने वाला उपचुनाव तेज़ी से बिहार में सबसे ज़्यादा चर्चा का विषय बनता जा रहा है। 'जन सुराज' के सूत्रों के अनुसार, पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर इस सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। 4 जुलाई को 'जन सुराज' की एक अहम बैठक होगी, जिसमें उनकी उम्मीदवारी को लेकर अंतिम फ़ैसला होने की उम्मीद है। अगले दिन इसकी आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।
यह चुनाव दोनों पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन सकता है। बीजेपी के लिए दांव पर बहुत कुछ लगा है क्योंकि यह सीट पार्टी के एक प्रमुख नेता के पास थी। अगर हार होती है, तो विपक्ष इसे एक बड़े राजनीतिक झटके के तौर पर पेश करेगा; वहीं जीत मिलने पर बीजेपी इसे जनता के भरोसे और इलाके पर अपनी मज़बूत पकड़ के सबूत के तौर पर दिखा सकेगी।
यह चुनाव प्रशांत किशोर के लिए भी उतना ही अहम है। पिछले कुछ सालों से वे बिहार की राजनीति में बदलाव की वकालत कर रहे हैं। उन्होंने पूरे राज्य में पदयात्रा की, 'जन सुराज' अभियान शुरू किया और आखिरकार अपनी पार्टी बनाई। अब उन्हें सीधे चुनाव लड़कर और जनता का सामना करके अपनी राजनीतिक काबिलियत साबित करनी होगी। जन सुराज का कहना है कि बांकीपुर के लोग बदलाव चाहते हैं। पार्टी का दावा है कि भले ही इस इलाके में करीब 40 साल से बीजेपी का दबदबा रहा है, लेकिन अब जनता एक नई तरह की राजनीति और नई लीडरशिप चाहती है। पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी पर स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता से सलाह-मशविरे के बाद ही विचार किया जा रहा है। अगर प्रशांत किशोर चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो यह चुनाव सिर्फ़ एक सीट की लड़ाई नहीं रह जाएगा।
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