क्या रवि शास्त्री बने रहेंगे टीम इंडिया के हेड कोच ?

By दीपक मिश्रा | Aug 01, 2019

वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल में हार के बाद टीम के कोच बदलने पर काफी सवाल खड़े हो गए। वहीं मौजूदा कोच रवि शास्त्री और मैनेजमेंट का कार्यकाल भी खत्म हो रहा था। लेकिन वेस्टइंडीज दौरे को देखते हुए रवि शास्त्री के कार्यकाल को 45 दिन के लिए बढ़ा दिया गया। उम्मीद की जा रही है कि विंडीज दौरे के खत्म होने के बाद टीम इंडिया को नया कोच मिलेगा। लेकिन टीम के कप्तान विराट कोहली के बोल तो कुछ और कहते है। कोहली की बातें सुनकर तो लगता है कि रवि शास्त्री ही उनकी पहली पसंद है। दरअसल विराट कोहली ने वेस्टइंडीज जाने से पहले टीम के नए कोच के सवाल को लेकर मीडिया से कहा था कि “अगर क्रिकेट सलाहकार समिति मेरा विचार जानना चाहेगी तो मैं उनसे बात करूंगा। रवि भाई के कार्यकाल में हमने अच्छा प्रदर्शन किया है। हम उनका आदर करते हैं। अगर वो कोच बने रहते हैं तो हमें खुशी होगी। लेकिन मुझसे इस मुद्दे पर अबतक बातचीत नहीं हुई है”। तो देखा कैसे कप्तान कोहली कह रहे है कि उनकी पहली पसंद रवि शास्त्री ही है। कोहली का मानना है कि अगर रवि शास्त्री कोच बनते है तो टीम इंडिया के सभी खिलाड़ी खुश होंगे। विराट के इस बयान से ये तो साफ पता चलता है कि विराट को पुराना कोच ही चाहिए। टीम इंडिया के कोच पद के लिए विराट कोहली की पहली पसंद रवि शास्त्री ही है। इससे यह तो साफ दिखता है कि अगर टीम के कप्तान विराट कोहली चाहते है कि रवि शास्त्री ही आगे भी कोच बने रहे तो इस बात के आसार दिख रहे है कि शायद ही आगे बदलवा हो। लेकिन जिस तरह से रवि शास्त्री को लेकर सवाल खड़े हो रहे है उससे भी मुंह नहीं मोड़ा जा सकता है।

दरअसल पूर्व भारतीय ऑलराउंड खिलाड़ी रॉबिन सिंह ने अभी हाल ही में भारतीय कोच रवि शास्त्री के ऊपर सवाल उठाए है। रॉबिन सिंह का कहना है कि टीम शास्त्री के रहते हुए आईसीसी के बड़े टूर्नामेंट्स में  हारी है और इसलिए उस पद पर बदलाव की जरूरत है। रोबिन ने एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत करते हुए कहा कि “मौजूदा कोच के रहते, भारत लगातार दो वनडे विश्व कप और टी-20 विश्व कप में सेमीफाइनल में हारा है। अब समय है कि 2023 विश्व कप की तैयारी की जाए और टीम में बदलाव अच्छा होगा।

इसे भी पढ़ें: T-20 के दौर में वर्ल्ड चैंपियनशिप से भरा जाएगा दर्शकों के बीच टेस्ट क्रिकेट का रोमांच

बता दें कि भारत को 2015 सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार मिली थी और तब शास्त्री टीम के निदेशक थे। जबकि इसी साल हुए विश्व कप में भारत को न्यूजीलैंड के हाथों मात मिली और शास्त्री इस समय टीम के हेड कोच है। इसके अलावा 2016 टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भी भारत को हार का सामना करना पड़ा था उस समय टीम के कोच रवि शास्त्री ही थे। इसके बाद 2017 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के हाथों मिली हार ने भी टीम में शास्त्री के रोल पर कई सवाल खड़े किए थे।

शास्त्री के टीम में रहते हुए टीम इंडिया ने बड़े टूर्नामेंट में नॉकआउट मुकाबले जरूर गंवाए है। लेकिन ये भी इतना ही सच है कि शास्त्री को कोच रहते हुए टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज जीती। इसके अलावा टीम को आईसीसी रैंकिंग में नंबर 1 भी बनाया। 

इसे भी पढ़ें: रोहित और विराट के बीच मनमुटाव की क्या है असली सच्चाई !

जाहिर है शास्त्री के कार्यकाल खत्म होने के बाद बीसीसीआई ने नए कोच की खोज शुरू कर दी है। भारतीय टीम के मुख्य कोच के लिए इंटरव्यू 13 या 14 अगस्त को होगा। सीओए ने टीम के कोचिंग स्टाफ को चुनने के लिए नई क्रिकेट सलाहकार समिति का गठन किया है, जिसमें पूर्व कप्तान कपिल देव, पूर्व खिलाड़ी अंशुमन गायकवाड़ और शांथा रंगास्वामी हैं। वहीं कोच के लिए रोबिन सिंह ने भी आवेदन किया है। इसके अलावा जयवर्धने, टॉम मूडी जैसे बड़े नाम भी टीम के कोच बनने के लिए सामने आ रहे है। अभी हाल ही में भारतीय टीम के साथ पहले भी कोचिंग में जिम्मेदारी निभा चुके लालचंद राजपूत ने भी कोच पद के लिए आवेदन कर दिया है।

हालांकि जिस तरह से विराट कोहली ने रवि शास्त्री का समर्थन किया है, उससे यह आसार दिखाई दे रहे है कि शायद रवि शास्त्री को ही टीम इंडिया का आगे कोच नियुक्त किया जाएं। क्योंकि क्रिकेट एक टीम गेम जहां कप्तान के साथ कोच की भूमिका काफी अहम होती है। क्योंकि कोच और कप्तान को साथ निर्णय लेना होता है जिससे दोनों के बीच मेलजोल काफी जरूरी है। ऐसे में अगर विराट औऱ रवि शास्त्री के बीच तालमेल की बात करें तो यह काफी गजब का दिखाई पड़ता है। ऐसे में उम्मीद है कि शायद रवि शास्त्री भारतीय टीम के साथ आगे भी कोच की भूमिका में बने दिखाई दे सकते है।

- दीपक मिश्रा

प्रमुख खबरें

Iran-Israel Conflict: परमाणु प्लांट के पास मिसाइल अटैक से दुनिया की सांसें थमीं, 180 जख्मी

PM Modi ने रचा नया इतिहास, देश में सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले Non-Congress Leader बने

Share Market का Red Alert: Investors के 1 लाख करोड़ डूबे, इन शेयरों में हुई भारी बिकवाली

Premier League: Everton ने Chelsea को 3-0 से रौंदा, लगातार चौथी हार से बढ़ा संकट