By अनन्या मिश्रा | Dec 04, 2023
इस दौरान देश के अधिकतर हिस्सों में सर्दी बढ़ रही है। कई राज्यों में पिछले दिनों अचानक से मौसम में बदलाव आया है, जिसकी वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। वैसे तो सर्दियों का मौसम कई मामलों में काफी अच्छा होता है। लेकिन इस मौसम में सेहत के प्रति विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
सर्दी-जुकाम और फ्लू का जोखिम
सर्दी के मौसम में जुकाम, खांसी, फ्लू और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियां लोगों को घेर लेती हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। साथ ही इस मौसम में व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर हो सकती है। जिससे बीमारी होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। वहीं जिन लोगों को पहले से ब्रोंकाइटिस या फिर अस्थमा जैसी समस्या रही हैं। उनके लिए सर्दियों का मौसम इन बीमारियों के लिए ट्रिगर वाला हो सकता है।
निमोनिया का खतरा
सर्दी-जुकाम के अलावा यह मौसम निमोनिया के जोखिमों को बढ़ाने वाला भी हो सकता है। बता दें कि ठंड के महीनों के दौरान सबसे अधिक निमोनिया के मामले देखे जाते हैं। निमोनिया होने का सबसे ज्यादा खतरा 5 साल से कम उम्र के बच्चों, कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोग और बुजुर्गों को होता है।
माइग्रेन की समस्या
बता दें कि माइग्रेन होने पर व्यक्ति गंभीर सिरदर्द की समस्या से परेशान रहता है। इसको साइकोसोमेटिक डिसऑर्डर भी कहा जाता है। जिन लोगों में माइग्रेन की समस्या होती है, उन्हें सर्दी में अपना खास ख्याल रखना चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, सर्दी का मौसम माइग्रेन की समस्या को ट्रिगर कर सकती है। ठंड के चलते पीड़ित का रक्त प्रवाह बाधित हो सकता है, जिससे सिरदर्द बढ़ने का खतरा अधिक हो सकता है।
बढ़ सकता है ब्लड प्रेशर
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो सर्दियों का मौसम उन लोगों के लिए भी ट्रिगर बन सकता है, जिनको ब्लड प्रेशर की समस्या होती है। तापमान गिरने और ठंड बढ़ने की वजह से रक्त वाहिकाएं अस्थायी रूप से संकीर्ण हो जाती हैं। जिससे रक्तचाप बढ़ने के साथ संकुचित नसों और धमनियों के जरिए ब्लड को प्रवाहित होने में समस्या होती है। वहीं ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या हृदय संबंधी रोगों के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है। इसलिए इस समस्या वाले लोगों को सर्दियों के मौसम में अपना खास ख्याल रखने के साथ ही इन्हें कंट्रोल करने का उपाय करना भी बेहद जरूरी है।