By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 03, 2023
पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश उमर अता बंदियाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश की शीर्ष न्यायपालिका सेना को कोई भी असंवैधानिक कदम उठाने की अनुमति नहीं देगी। प्रधान न्यायाधीश बंदियाल ने नौ मई के विरोध प्रदर्शन के दौरान सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले के दौरान सैन्य अदालतों में आम नागरिक के मुकदमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं की एक श्रृंखला पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों द्वारा की गई आगजनी और हिंसा की घटना का जिक्र करते हुए शीर्ष न्यायाधीश ने दंगों को गंभीर बताया और उस दुर्भाग्यपूर्ण दिन हुई घटना पर अफसोस और दुख व्यक्त किया। इस्लामाबाद में नौ मई को अर्धसैनिक रेंजर्स द्वारा खान की गिरफ्तारी के बाद हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
उन्होंने अवान से कहा, “एजीपी साहब, नागरिकों पर कोई सैन्य सुनवाई नहीं की जाएगी”। अवान ने अदालत को आश्वासन दिया कि उसके निर्देशों का पालन किया जाएगा। बंदियाल ने यह भी कहा कि सैन्य अधिकारियों की हिरासत में संदिग्धों को प्रासंगिक सुविधाएं प्रदान करने के पहले के निर्देश यथावत रहेंगे। कम से कम 102 नागरिक सेना की हिरासत में हैं और सरकार उन पर सेना अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने पर अड़ी है लेकिन मानवाधिकार समूह इस कदम का विरोध कर रहे हैं।