भारतीय टेबल टेनिस टीम के लिए आसान नहीं होगा बर्मिंघम में गोल्ड कोस्ट की बराबरी करना

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 25, 2022

लंदन। पिछली बार गोल्ड कोस्ट में नई ऊंचाइयां हासिल करने वाली भारतीय टेबल टेनिस टीम यदि बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 2018 की बराबरी भी कर लेती है तो यह उसके लिए बड़ी उपलब्धि होगी। भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण, दो रजत और तीन कांस्य पदक जीते थे। इनमें से दो स्वर्ण सहित आधे पदक मनिका बत्रा ने जीते थे जिसके बाद उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई थी।

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राष्ट्रमंडल खेलों से पहले भारतीय खिलाड़ियों ने पुर्तगाल में अभ्यास किया और उसके बाद हंगरी में प्रतियोगिता में भाग लिया। भारतीय टेबल टेनिस टीम का गठन करना आसान नहीं रहा क्योंकि तीन खिलाड़ियों ने चयन नहीं होने पर अदालत का दरवाजा खटखटा दिया था। इनमें से केवल चिताले को ही फायदा हुआ जिन्हें अर्चना कामत की जगह टीम में लिया गया। कामत खेलों में मनिका के साथ युगल जोड़ी बना सकती थी। चार सदस्यीय पुरुष दल में वही खिलाड़ी शामिल है जिन्होंने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लिया था। इन खिलाड़ियों को काफी अनुभव है और उम्मीद की जा रही है कि वह टीम खिताब का बचाव करने में सफल रहेंगे। भारत को टीम स्पर्धा में इंग्लैंड और नाइजीरिया के बाद तीसरी वरीयता मिली है। एकल में आखिरी बार 2006 में मेलबर्न में स्वर्ण पदक जीतने वाले 40 वर्षीय शरत ने कहा, ‘‘इंग्लैंड की टीम नाइजीरिया की तुलना में थोड़ा मजबूत है। हमारा लक्ष्य निश्चित तौर पर व्यक्तिगत के अलावा टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीतना है।’’

नाइजीरिया की टीम में विश्व के 12वें नंबर की खिलाड़ी अरुणा कादरी हैं जबकि इंग्लैंड की टीम में लियाम पिचफोर्ड और अनुभवी पाल ड्रिंकहाल हैं। भारतीयों के पास हालांकि सभी स्पर्धाओं में पदक जीतने के मौके रहेंगे। भारत ने गोल्ड कोस्ट में मिश्रित युगल और युगल में स्वर्ण पदक नहीं लेकिन कुल चार पदक जीते थे और इस बार भी इसी तरह के परिणाम की उम्मीद है। शरत और मनिका के अलावा साथियान भी पुरुष युगल और मिश्रित युगल में स्वर्ण पदक के दावेदार हैं। भारतीय टीम इस प्रकार है: पुरुष: शरत कमल, जी साथियान, हरमीत देसाई, सानिल शेट्टी। महिला: मनिका बत्रा, रीत ऋष्य, श्रीजा अकुला, दीया चिताले।

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