By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 09, 2022
बनिहाल/जम्मू। जम्मू कश्मीर में रामबन जिले में भारी बर्फबारी और कई जगह भूस्खलन होने के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग रविवार को तीसरे दिन भी बंद रहा, जबकि एजेंसियों ने मौसम में सुधार के बीच सड़क पर यातायात बहाल करने के काम में तेजी लाई है। अधिकारियों ने बताया कि रियासी जिले में त्रिकुटा पहाड़ी के ऊपर माता वैष्णो देवी के पवित्र गुफा मंदिर तक हेलीकॉप्टर सेवा फिर से शुरू हो गई, जबकि बैटरी कार सेवा को फिर से शुरू करने के प्रयास जारी हैं।
मलिक ने बताया कि रामसू से बनिहाल तक राजमार्ग से बर्फ हटा दी गई है लेकिन फिसलन की स्थित है और सिर्फ एक ही तरफ का रास्ता फिलहाल इस्तेमाल किया जा रहा है। राजमार्ग को शुक्रवार दोपहर को यातायात के लिए फिर से बंद कर दिया गया था। मलिक ने कहा, “ हमारी प्राथमिकता है कि कुछ दर्जन फंसी हुई गाड़ियों को निकाला जाए।” उन्होंने कहा कि आज बाद में यातायात की नए सिरे से समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि त्रिकुटा पहाड़ी के ऊपर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा रविवार तड़के फिर से शुरू हो गई। वहीं, करीब पांच दिन बाद आज सूरत भी निकला, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली। अधिकारियों ने बताया कि बैटरी कार सेवा निलंबित है और इसे बहाल करने के प्रयास जारी हैं। यात्रा सुचारू रूप से चल रही है। इस बीच, राजौरी के बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय ने 12 जनवरी को होने वाली पीएचडी की प्रवेश परीक्षा को तीन दिन के लिए स्थगित कर दिया है।
विश्वविद्यालय के शैक्षणिक मामले के डीन प्रोफेसर इकबाल परवेज़ ने कहा, “खराब मौसम की स्थिति और घाटी के उम्मीदवारों की ओर से बार-बार की गई गुजारिश को देखते हुए, पीएचडी प्रवेश परीक्षा स्थगित कर दी गई है और अब 15 जनवरी को उसी समय और स्थान पर इसे आयोजित किया जाएगा, जैसा पहले अधिसूचित किया गया था।”
मौसम विभाग के एक प्रवक्ता ने लोगों से कहा कि वे हिमस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में न जाएं और सतर्क रहें, खासकर अगले दो दिनों के दौरान। उन्होंने कहा, “ जम्मू-कश्मीर में मौसम में काफी सुधार हुआ है और इसके 16 जनवरी तक शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि, बर्फबारी बंद हो गई है, मगर हिमस्खलन का खतरा अब भी बर्फीले इलाकों में मौजूद है।