By अंकित सिंह | Feb 13, 2022
हर साल 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस मनाया जाता है। रेडियो हमारे जीवन का अहम हिस्सा है। रेडियो ने हमारे संचार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया। सूचना, संचार और मनोरंजन का सबसे सशक्त माध्यम माना गया है। संचार माध्यमों की बात करें तो रेडियो की पहुंच सबसे ज्यादा रही है और सबसे विश्वसनीय भी रही है। क्या आपको पता है कि आज यानी कि 13 फरवरी को रेडियो दिवस क्यों मनाते है?
आज भी गांव देहात में रेडियो सूचना का सबसे बड़ा स्रोत है। कहते हैं ना, जिसने वीडियो नहीं सुना उसने कुछ नहीं सुना। भले ही आज टीवी, मोबाइल, कंप्यूटर, इंटरनेट सूचना और मनोरंजन का सबसे लोकप्रिय माध्यम है लेकिन अभी भी वह रेडियो की जगह नहीं ले पाए है। हां, मोबाइल फोन के आने से रेडियो को नया जीवन जरूर मिल गया है। रेडियो में अलग-अलग तरह की तकनीक भी आने लगी है जिसकी वजह से श्रोताओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। आज की युवा पीढ़ी को आकर्षित करने के लिए एफएम रेडियो की भी शुरुआत की गई। रेडियो एप की वजह से भी इसकी पहुंच ज्यादा हो रही है।
रेडियो दिवस के अवसर पर यूनेस्को दुनियाभर के ब्रॉडकास्टर्स संगठनों और समुदायों के साथ मिलकर अलग-अलग तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करता है। इस अवसर पर संचार के माध्यम में रेडियो के योगदान की चर्चा की जाती है और साथ ही साथ इसकी अहमियत और विस्तार पर जोर दिया जाता है। रेडियो संचार का ऐसा माध्यम है जो मुश्किल घड़ी में भी आपके साथ रह सकता है। चाहे अन्य संचार के साधन ठप हो जाएं लेकिन रेडियो लगातार जारी रह सकता है। हम आपको रेडियो के बारे में बता देते हैं। गुलिएल्मो मारकोनी को रेडियो का मुख्य अविष्कारक माना जाता है। वीडियो के अविष्कार के बाद कनाडा के वैज्ञानिकों रेगिनाल्ड फेंसडेन ने 24 दिसंबर 1980 को रेडियो के प्रसारण की शुरुआत की थी। शुरुआत में रेडियो को तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शुरुआत के दिनों में देश के डिफेंस सिस्टम को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने में रेडियो की अहम भूमिका मानी जाती थी।
- अंकित सिंह