तालिबान से लड़ रहे आम लोगों की मदद के लिए दुनिया को आगे आना चाहिए

By अशोक मधुप | Sep 18, 2021

संयुक्त राष्ट्र संघ अफगानिस्तान को लेकर चिंतित है। अन्य महाशक्ति की चिंता भी अफगानिस्तान को लेकर है। संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे  अफगानिस्तान के लोगों की मदद करें। तत्काल जीवन रक्षक सहायता उपलब्ध कराएं। संयुक्त राष्ट्र संघ के साथ चीन और पाकिस्तान को अफगानिस्तान के लोगों की चिंता हैॽ पंजशीर की किसी को चिंता नहीं। 15 दिन से ज्यादा समय से तालिबान पंजशीर को चारों ओर से घेरे हुए हैं। वहां का भोजन−पानी दवा और जरूरत के सामान की आपूर्ति बंद है। लोगों का कत्लेआम किया जा रहा है। इनका किसी को ध्यान नहीं है। पंजशीर वासी किस हालत में जी रहे हैं, इससे किसी को लेना−देना नहीं। वहां चल रहे युद्ध को रोकने के लिए कोई अपील नहीं कर रहा। पाकिस्तान सेना तालिबान की मदद के लिए पंजशीर घाटी में अपने विमान  से बम डाल रही है। उसे कोई नहीं देख रहा। सारी शांति बनाए रखने का दंभ भरने वाली शक्ति यहां शिखंडी बनी दिख रही हैं।

पंजशीर से आ रही रिपोर्ट के अनुसार तालिबान ने वहां हाल में बीस लोगों को निर्ममता के साथ मार डाला। मारे जाने वाले बीस लोगों में एक दुकानदार भी शामिल है। लोगों का कहना है कि तालिबान उन आम  नागरिक को मार रहे हैं, जिनका जंग से कोई लेना-देना नहीं। उधर अफगानिस्तान में सत्ता पाने के एक माह के अंदर ही तालिबान 20 साल पुरानी हालत में पहुंच गया। महिलाओं को सरेआम पीटा जा रहा है। राजधानी काबुल में एक महिला को घेर कर पीट रहे तालीबानी की तस्वीर सामने आई है। यह महिला प्रदर्शनकारियों में शामिल थी कि तालिबान ने घेर लिया। उसे कोड़ों और लाठियों से पीटा गया। लोगों को घरों से निकाल कर मारा जा रहा है। तालिबानी लड़ाके पुरानी सरकार के मददगारों की तलाश कर रहे हैं।

पाकिस्तान और चीन अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को अप्रत्यक्ष रूप से मदद तो कर ही रहे हैं। साथ ही तालिबान सरकार को मान्यता देने की अपील कर रहे हैं। इस मामले में पाकिस्तान खुलकर लगा हुआ है। एक ओर यह हालत है तो वहीं अफगानिस्तान के लगभग एक दर्जन राजदूतों ने विश्व के नेताओं से तालिबान सरकार को मान्यता न देने की अपील की है। उनकी इस अपील ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। शायद यह दुनिया की पहली घटना है जो किसी देश के दुनिया के एक दर्जन देशों में कार्य कर रहे राजदूत अपने ही देश की नई सरकार को मान्यता न देने की अपील कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, फ्रांस, तुर्की समेत एक दर्जन से ज्यादा देशों में तैनात अफगानिस्तान के राजदूत ने पिछले 20 साल से अफगानिस्तान के विकास में सहायता कर रहे देशों से कहा है कि आपका अफगानिस्तान के विकास में योगदान रहा है। ऐसे में आप यहां की तालिबानी सरकार को मान्यता ना दें।

इसे भी पढ़ें: 9/11 की 20वीं बरसी से पहले बाइडन ने बुश, ओबामा और ट्रंप की सारी मेहनत पर फेर दिया पानी

पाकिस्तान ने तालिबान की किस तरह से मदद की, ये पूरी दुनिया के सामने खुलकर आ गया है। तालिबान की विजय पर पाकिस्तान में खुशियां मनाई जा रही हैं। विजय जुलूस निकाले जा रहे हैं। ये विजय जुलूस यह बताने के लिए काफी हैं, जो कुछ हुआ उसके लिए वह जिम्मेदार है, उसका हाथ रहा है। पंजशीर घाटी में तो तालिबान के समर्थन में वायुयान से बम वर्षा कर उसने अपने को पूरा नंगा कर दिया। इतना सब होने के बाद भी दुनिया क्यों खामोश हैॽ पूरी दुनिया से आतंकियों को नेस्तनाबूद करने की शपथ लेने वाला अमेरिका और उसके मित्र राष्ट्र क्यों चुप हैंॽ अफगानिस्तान के घटनाक्रम को देखकर आखें क्यों मूंदें हैं। क्यों बापू के बंदर बने हैंॽ

   

समय सब देख रहा है। वह किसी को माफ नहीं करता। अफगानिस्तान में कौन क्या कर रहा है, उसकी जानकारी में है। जो देश यहां के हालात पर आज मौन साधे हैं, आने वाले समय में उन्हें अपनी चुप्पी का जवाब देना होगा। अपराधी, आतंकवादी, तालिबानी किसी के सगे नहीं हैं। ये वे भस्मासुर हैं जो वरदान देने वाले पर ही प्राप्त हुई शक्ति प्रयोग कर देखते हैं। इसलिए अच्छा है कि सब उठें। पंजशीर के लड़ाकों की मदद करें। उनके हाथ मजबूत करें। उनकी सहायता करें। जरूरत का सामान, भोजन, दवा और आवश्यक वस्तु तुरंत उपलब्ध करांए। तालिबान सरकार की सहायता करने के लिए उसके मददगार पाकिस्तान और चीनी ही काफी है। उन दोनों को तालिबान की मदद करने दीजिए। आप पंजशीर के लोगों को जरूरत का सामान उपलब्ध कराइये।

अशोक मधुप

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

प्रमुख खबरें

Hormuz Strait में फिर भड़की आग, Donald Trump के Project Freedom से बढ़ा युद्ध का खतरा

Rajya Sabha सीटों पर छिड़ी जंग, Kejriwal का ऐलान- BJP से लेंगे चुन-चुन कर बदला

मिसाइल से मारेंगे और मानेंगे भी नहीं! UAE पर ईरान ने क्यों बदली चाल?

Mira Road चाकूबाजी: ATS का दावा- आरोपी ISIS से प्रभावित, बचाव पक्ष बोला- उसे Schizophrenia है