By अनन्या मिश्रा | Dec 03, 2024
दक्षिणावर्ती शंख की पूजा का महत्व
बता दें कि दक्षिणावर्ती शंख को मां लक्ष्मी का भाई माना जाता है। माना जाता है कि जिस भी घर में शंख होता है, वहां पर मां लक्ष्मी का भी वास होता है। वहीं इस महीने में भगवान श्रीकृष्ण को शंख से जलाभिषेक करने के भी नियम बताए गए हैं। इस महीने दक्षिणावर्ती शंख की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। इससे घर में हमेशा सकारात्मकता का संचार होता है और भगवान श्रीकृष्ण को विष्णु भगवान का अवतार माना गया है। इसलिए उनकी पूजा में दक्षिणावर्ती शंख का उपयोग जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति को जीवन में कभी भी दुख और दरिद्रता का सामना नहीं करना पड़ता है और जातक को रोगदोष से भी छुटकारा मिल जाता है।
पूजा के नियम
शंख को हमेशा लाल रंग के कपड़े में लपेटकर रखना चाहिए। क्योंकि लाल रंग मां लक्ष्मी को अतिप्रिय होता है।
शंख में गंगाजल भरकर 'ॐ श्री लक्ष्मी सहोदराय नमः' मंत्र का जाप करना चाहिए।
शंक को घर के मंदिर या फिर पूजा स्थल पर स्थापित करना चाहिए।
मार्गशीर्ष माह में शंख के सामने प्रतिदिन घी का दीपक जलाना चाहिए।
शंख को बजाने के दौरान मुंह हमेशा दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए।