Russian President Vladimir Putin Visit China | रूसी राष्ट्रपति पुतिन का बीजिंग में 'रेड कार्पेट' पर स्वागत; चीन के शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की

By रेनू तिवारी | May 20, 2026

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार (20 मई) को बीजिंग में व्यापक बातचीत की, जिसमें उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों और ईरान, यूक्रेन युद्ध तथा व्यापार संबंधों सहित प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक का विशेष महत्व था, क्योंकि यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 14-15 मई के बीजिंग दौरे के ठीक कुछ दिनों बाद हुई। ट्रंप ने अपने दौरे के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी के साथ ईरान और यूक्रेन संघर्ष से लेकर द्विपक्षीय व्यापार तनाव तथा क्षेत्रीय घटनाक्रमों तक के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की थी।

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को यहां द्विपक्षीय संबंधों और ईरान, यूक्रेन युद्ध तथा व्यापार सहित प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर व्यापक वार्ता की। दोनों नेताओं की यह बातचीत इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि इससे पहले 14-15 मई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बीजिंग की यात्रा पर आए थे और उन्होंने भी शी चिनफिंग के साथ ईरान और यूक्रेन युद्ध से लेकर द्विपक्षीय व्यापारिक तनाव और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर व्यापक चर्चा की थी।

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‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल’ में वार्ता से पहले, शी चिनफिंग ने पुतिन का औपचारिक स्वागत किया। औपचारिक स्वागत के बाद द्विपक्षीय वार्ता हुई। मंगलवार रात यहां पहुंचे पुतिन का स्वागत चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने किया। अपनी यात्रा से पहले मंगलवार को दिए गए एक वीडियो संबोधन में पुतिन ने कहा कि रूस-चीन संबंध वास्तव में अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गए हैं।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच नियमित उच्च स्तरीय सहयोग द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने और उनकी असीमित क्षमता को उजागर करने के प्रयासों का एक अभिन्न अंग हैं। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि शी और पुतिन द्विपक्षीय संबंधों, विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और आपसी हित के अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार करेंगे।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने सोमवार को एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, ‘‘यह पुतिन की चीन की 25वीं यात्रा है’’ और उन्होंने बीजिंग और मॉस्को के बीच घनिष्ठ रणनीतिक संबंधों को रेखांकित किया। पुतिन की यह यात्रा पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर वैश्विक चिंताओं के बीच हो रही है। ये तनाव ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी के बाद पैदा हुआ है। ईरान रूस और चीन दोनों का करीबी रणनीतिक साझेदार है। अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद चीन ईरान से 90 प्रतिशत तेल आयात करता है।

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