By अभिनय आकाश | Sep 14, 2026
भारत में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तस्वीरें इस वक्त पूरी दुनिया में तहलका मचा रही हैं। जिस तरह से दुनिया के शक्तिशाली नेताओं के साथ पीएम मोदी की केमिस्ट्री देखने को मिली उसने भारत के दुश्मनों के पेट में दर्द कर दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने ब्रिक्स सदस्य देशों के सामने जो एजेंडा रखा और उस पर सबकी एक साथ जो सहमति देखने को मिली उससे साफ हो गया कि आने वाले दिनों में भारत दुनिया में एक बहुत बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। वो बदलाव जिन देशों की मनमानी पर रोक लगाएगा जो महाशक्ति की सनद में कुछ भी करने के लिए तैर रहते हैं।
जिसकी भारत के दुश्मनों को उम्मीद भी नहीं थी। सबसे पहले आपको जिनपिंग के बयान के बारे में बताता हूं जिसने सबको चौंका दिया है। दरअसल पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि जटिल अंतरराष्ट्रीय हालात जिनमें कई तरह के बदलाव और चुनौतियां शामिल हैं। उन्हें देखते हुए दुनिया के दो सबसे ज्यादा आबादी वाले देशों और ग्लोबल साउथ के अहम सदस्य होने के नाते चीन और भारत की बड़ी जिम्मेदारियां हैं। उन्होंने आगे कहा कि चीन हमेशा रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से भारत चीन संबंधों को देखता और विकसित करता आया है। पिछले दो सालों में मेरी और पीएम मोदी की दो बार मुलाकात हुई है। इस बातचीत ने दोनों देशों के रिश्तों को एक नई शुरुआत से नई ऊंचाई तक पहुंचा है। यही नहीं बल्कि जिनपिंग एक और सबसे बड़ी बात कहकर सबको चौंका दिए। जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन साझेदार हैं। प्रतिद्वंदी नहीं। वह एक दूसरे के विकास के लिए खतरा नहीं बल्कि अवसर पैदा करते हैं। यह रणनीतिक निर्णय दोनों देशों के विकास के चरणों और अंतरराष्ट्रीय परिवेश पर आधारित है और दोनों देशों के लोगों के साझा हितों को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने और सीमा मुद्दे को समानांतर पटरियों पर सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए। तो इस तरह से जिनपिंग ने भारत और चीन के रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने के लिए बड़ी बातें कही।
पीएम मोदी और जिनपिंग के बीच किन मुद्दों पर सहमति बनी है। पहला यह कि मतभेदों को विवाद में नहीं बदलने दिया जाएगा। दूसरा सीमा विवाद का निष्पक्ष और स्वीकार्य समाधान तलाशा जाएगा और व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा दोनों देशों के लोगों के बीच आवाजाही को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही आर्थिक और व्यापारिक चिंताओं का समाधान तलाशा जाएगा। तो वहीं क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर सहयोग बढ़ाने के मुद्दे पर सहमति बनी है। खास बात यह है कि जब पीएम मोदी ने यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में बदलाव करने की बात कही तो इस पर भी चीन सहमति जताता हुआ दिखाई दिया। तो वहीं ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के फाइनल डे पर पीएम मोदी का संबोधन सुनने के बाद जिनपिंग ने ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। इस फोटो में पीएम मोदी के एक तरफ जिनपिंग तो दूसरी तरफ पुतिन खड़े दिखाई दिए जो एक अपने आप में बहुत बड़ा संदेश दे रही है।