BRICS में Xi Jinping ने रखा 5-सूत्रीय सहयोग प्रस्ताव, Global South की मजबूती पर दिया जोर

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 13, 2026

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने रविवार को कहा कि ब्रिक्स को आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षित रखने और एक बड़ा एकीकृत बाजार बनाने के लिए उभरते बाजारों और ‘ग्लोबल साउथ’ के साथ अपने करीबी रिश्तों का लाभ उठाना चाहिए। चिनफिंग ने व्यापार, विनिर्माण, निवेश और प्राद्योगिकी में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए पांच-सूत्रीय पहल का प्रस्ताव भी रखा। चिनफिंग ने दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आखिरी सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि ‘ग्लोबल साउथ’ को अंतरराष्ट्रीय मामलों में कानून के शासन की मिलकर रक्षा करनी चाहिए, अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी नियमों - जैसे संप्रभु समानता और आंतरिक मामलों में दखल न देना - को सुरक्षित रखना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की दिशा में काम करना चाहिए।

चिनफिंग ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए संगठन के सदस्य देशों के नेताओं से ‘‘ग्लोबल साउथ के लिए एकता के जरिए मजबूती का एक नया अध्याय’’ लिखने की दिशा में काम करने का आह्वान किया और रेखांकित किया कि ‘जिसकी लाठी उसी की भैंस’ वाली सोच को बहुत पहले ही त्याग दिया जाना चाहिए था। ‘ग्लोबल साउथ’ का संदर्भ विकासशील और अल्प विकसित देशों के संदर्भ में किया जाता है जिनमें से अधिकतर दक्षिणी गोलार्ध में अवस्थित हैं। चिनफिंग ने कहा, ‘‘बिना नियमों वाली दुनिया वैसी ही है जैसे बिना ट्रैफिक लाइट वाला चौराहा, जहां अफरा-तफरी और अव्यवस्था लगभग तय है।

निष्पक्षता और न्याय सार्वभौमिक अकांक्षा है, और अंतरराष्ट्रीय नियम सभी देशों को मिलकर बनाने चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करने के लिए काम करना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय नियम सभी पर लागू हों। चीन के राष्ट्रपति ने कानून आधारित विश्व के संदर्भ में ‘दोहरे मापदंडों’ को छोड़ने की जरूरत बताया। उनकी इन टिप्पणियों को पश्चिमी ताकतों की ओर इशारा माना जा रहा है।

चिनफिंग ने कहा, ‘‘सभी देश, चाहे उनका आकार, ताकत या संपन्नता कुछ भी हो, अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समान सदस्य हैं।’’ उन्होंने भू-राजनीतिक उथल-पुथल के कारण विकासशील देशों के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की। चिनफिंग ने कहा, ‘‘हम ऐसे समय में मिल रहे हैं जब दुनिया भर में ऐसी तब्दीलियां तेजी से हो रही हैं, जो पिछले एक सदी में नहीं देखी गईं। ‘ग्लोबल साउथ’ अपनी सामूहिक तरक्की के साथ दुनिया में बहुध्रुवीयता का एक अहम कारक बन गया है।’’ चीन के राष्ट्रपति ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय माहौल ‘‘अस्थिर है और जोखिमों व चुनौतियों से भरा है’’।

उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया में स्थिरता लाने और इसे बेहतर जगह बनाने के लिए, ब्रिक्स देशों को ऐतिहासिक पहल करनी चाहिए, ‘ग्लोबल साउथ’ को एकजुट करना चाहिए, अंतरराष्ट्रीय मामलों में एक सक्रिय, स्थिरता लाने वाली और सकारात्मक ताकत बनना चाहिए, और पूरी मानवता की भलाई के लिए काम करना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ग्लोबल साउथ के देशों को बहुपक्षवाद का झंडा बुलंद रखना चाहिए, संयुक्त राष्ट्र के अधिकार और भूमिका को बनाए रखना चाहिए, सुधार लाने और कार्यक्षमता बढ़ाने में बहुपक्षीय संस्थाओं का समर्थन करना चाहिए, और अंतरराष्ट्रीय मामलों में सभी देशों की समान भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।’’ चीन के राष्ट्रपति ने विकासशील देशों की भागीदारी बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ढांचे में सुधार का भी आह्वान किया। चिनफिंग ने ब्रिक्स सहयोग को बढ़ाने के लिए पांच-सूत्रीय पहल का प्रस्ताव किया जो एक समावेशी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ढांचा बनाने, व्यापार और निवेश को सुलभ बनाने, डिजिटल उद्योग के संबंधों को मजबूत करने, ‘इंटेलिजेंट मैन्युफैक्चरिंग’ को आगे बढ़ाने और विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के विकास के लिए एक संयुक्त पहल पर केंद्रित है। उन्होंने पहली पहल के बारे में कहा कि चीन ब्रिक्स-‘एआई ओपन सोर्स कम्युनिटी बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

इसका उद्देश्य ‘लार्ज लैंग्वेज मॉडल’ को विकसित करने और उनके इस्तेमाल में सहयोग को बढ़ावा देना, विशेषकर एआई संगोष्ठी और प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित करना और एक मुक्त एआई पारिस्थितिकी तैयार करना है। चिनफिंग ने व्यापार और निवेश को सुलभ बनाने की दूसरे पहल के संदर्भ में कहा कि चीन ब्रिक्स विशेष आर्थिक जोन साझेदारी स्थापित करने का प्रस्ताव करता है, जिसके तहत देश एक ‘इंटेलिजेंट पोर्टल’ बना सकते हैं, नीतियों में समन्वय बिठा सकते हैं और सभी के विकास के लिए एक नया रास्ता तैयार कर सकते हैं। चीन के राष्ट्रपति ने कहा कि तीसरी पहल डिजिटल उद्योग के क्षेत्र में होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘चीन ब्रिक्स डिजिटल पारिस्थितिकी क्लाउड मंच बनाने पर जोर देगा और डिजिटल कौशल विकास प्रशिक्षण, तकनीकी आदान-प्रदान और औद्योगिक तालमेल जैसे काम करेगा, ताकि मिलकर डिजिटल अर्थव्यवस्था का विकास किया जा सके।’’ चिनफिंग ने कहा कि चौथा कदम उच्च प्रौद्योगिकी से युक्त विनिर्माण में सहयोग बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘चीन स्मार्ट कारखानें बनाने और मानक एवं नियम विकसित करने में ब्रिक्स के सदस्य देशों की मदद करने, और साथ मिलकर विनिर्माण में बदलाव और उसे बेहतर बनाने को बढ़ावा देने के लिए तैयार है।’’ चीन के राष्ट्रपति ने कहा कि पांचवीं पहल विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में होगी। उन्होंने कहा, ‘‘चीन अभियंताओं के संयुक्त प्रशिक्षण और योग्यता मानकों की आपसी मान्यता के लिए एक ‘ब्रिक्स इंजीनियर प्रशिक्षण गठबंधन’ बनाने का प्रस्ताव रखता है।

चीन वैज्ञानिक और तकनीकी नवोन्मेष के लिए एक ‘ब्रिक्स युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम’ भी शुरू करेगा, ताकि उच्च क्षमता वाले और मेधावियों को तैयार किया जा सके।

प्रमुख खबरें

Delhi Metro के अर्पण केंद्रों पर जमा हुए 41 टन पुराने कपड़े, DMRC नए केंद्र खोलने की तैयारी में

PwC India और PwC US बनाएंगे 40000 कर्मचारियों वाली नई जॉइंट यूनिट

BJP सरकार मनमाने ढंग से काम कर विपक्ष पर लगा रही झूठे मुकदमे: Akhilesh Yadav

Indonesia में Java Sea के भीतर नौका पलटने से 130 लोग लापता, राहत कार्य तेज