Yash Johar Death Anniversary: हिंदी सिनेमा के जाने-माने निर्देशक थे यश जौहर, कभी मिठाई की दुकान पर देखते थे हिसाब-किताब

By अनन्या मिश्रा | Jun 26, 2025

हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक यश जौहर का 26 जून को निधन हो गया था। उनको उभरते सितारों को निखारने वाले निर्देशक के रूप में भी जाना जाता था। यश जौहर की फिल्में हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान रखती थीं। भले ही आज यश जौहर हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में आज भी लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगी। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर यश जौहर के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

ब्रिटिश शासन के दौरान पंजाब के लाहौर में 06 सितंबर 1929 को यश जौहर का जन्म हुआ था। वहीं देश का विभाजन होने के बाद उनकी फैमिली दिल्ली आकर रहने लगी। बताया जाता है कि यश जौहर के पिता ने दिल्ली आकर 'नानकिंग स्वीट्स' के नाम से मिठाई की दुकान खोली थी। वहीं 9 भाई-बहनों से बड़े होने के कारण यश जौहर को उनके पिता ने मिठाई की दुकान पर बिठाया। इस दौरान वह दुकान का हिसाब-किताब देखा करते थे। जोकि यश जौहर को बिल्कुल भी पसंद नहीं था। एक दिन यश जौहर की मां ने उनसे कहा कि वह मिठाई की दुकान पर बैठने के लिए नहीं बने हैं, इसलिए बंबई जाकर अपने पसंद की जिंदगी जियो।

इसे भी पढ़ें: Michael Jackson Death Anniversary: 150 साल जीने की इच्छा रखते थे किंग ऑफ पॉप माइकल जैक्सन, जानिए कैसे हुई थी मौत

फिल्मी करियर की शुरूआत

बता दें कि साल 1952 में यश जौहर ने अपने करियर की शुरुआत सुनील दत्त के प्रोडक्शन हाउस 'अजंता आर्ट्स' से की थी। इसके बाद वह सहायक निर्माता के तौर पर देवानंद के प्रोडक्शन हाउस 'नवकेतन फिल्म्स' से जुड़ गए। इस दौरान उन्होंने साथ मिलकर 'ज्वैल थीफ', 'प्रेम पुजारी', 'गाइड', 'हरे रामा-हरे कृष्णा' जैसी शानदार फिल्मों को बनाया। वहीं साल 1971 में रिलीज हुई फिल्म 'हरे राम हरे कुष्णा' में यश जौहर के प्रोडक्शन का कमाल देखने को मिला था। इसके बाद उन्होंने अग्निपथ,  गुमराह, डुप्लिकेट, मुकद्दर का फैसला, कुछ कुछ होता है, कभी खुशी कभी गम, कल हो न हो, जैसी तमाम बेहतरीन फिल्मों का निर्माण किया था।

मृत्यु

वहीं चेस्ट इन्फेक्शन और कैंसर की वजह से 26 जून 2004 में यश जौहर का निधन हो गया था।

प्रमुख खबरें

सौ वर्षों से राष्ट्रसेवा में लीन RSS का पंजीकरण प्रमाणपत्र मांग रहे कांग्रेस नेताओं से कुछ सवाल

हर्षित राणा की Team India में अचानक एंट्री, चोट के बाद Afghanistan ODI में मिला मौका

Keralam में Governor Arlekar और सरकार के बीच बढ़ा सियासी टकराव, Yoga Day बना मुद्दा!

स्विट्जरलैंड जाने ही वाले थे वेंस, लेकिन इजरायल...क्या डील टूट गई?