By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 03, 2026
क्राइस्टचर्च, तीन नवंबर सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने भारत ए और न्यूजीलैंड ए के बीच मंगलवार को यहां ड्रॉ समाप्त हुए दूसरे अनौपचारिक टेस्ट क्रिकेट मैच में शतक जड़कर दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला से पहले अपनी फॉर्म को लेकर भारतीय टीम प्रबंधन को आश्वस्त किया। जायसवाल ने मैच के चौथे और अंतिम दिन न्यूजीलैंड ए के आक्रमण की जमकर धुनाई करते हुए केवल 162 गेंदों में नाबाद 155 रन बनाए, जिसमें 15 चौके और पांच छक्के शामिल हैं। विदर्भ के बाएं हाथ के बल्लेबाज यश राठौड़ ने भी नाबाद 100 रन बनाए जिससे भारत ए ने अपनी दूसरी पारी में दो विकेट पर 282 रन बनाए।
राठौड़ ने अपनी 122 गेंदों की पारी में नौ चौके लगाए। भारत ए ने अपनी पहली पारी में 346 रन जबकि न्यूजीलैंड की टीम ने 424 रन बनाए थे। हैगली ओवल की पिच काफी हद तक सपाट हो गई थी, जिससे बल्लेबाजों के लिए अपने शॉट खेलना बहुत आसान हो गया था।
इसका अंदाजा भारत ए के दूसरी पारी में 5.35 के रन-रेट से रन बनाने से लगाया जा सकता है। मैच के अंतिम दिन लगभग 44 ओवर का खेल हुआ और इस बीच जायसवाल आकर्षण का केंद्र रहे। जायसवाल इस पारी से पहले रन बनाने के लिए जूझ रहे थे जो निश्चित तौर पर मुख्य कोच गौतम गंभीर के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ 19 नवंबर से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला से पहले चिंता का विषय रही होगी।
जायसवाल ने इससे पहले तीन पारियों में 17, पांच और शून्य रन बनाए थे। न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारत ए टीम में शामिल होने से पहले उन्होंने चंडीगढ़ के खिलाफ एकमात्र रणजी ट्रॉफी मैच खेला था, जिसमें वह खाता भी नहीं खोल पाए थे। भारत ए ने चौथे दिन की शुरुआत बिना किसी नुकसान के 32 रन से की लेकिन उसने दूसरे सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन (11) का विकेट जल्द गंवा दिया जो अपने कल के स्कोर में एक भी रन नहीं जोड़ पाए।
बेहतरीन फॉर्म में चल रहे देवदत्त पडिक्कल दूसरी पारी में खाता भी नहीं खोल सके। उन्हें तेज गेंदबाज ब्रेट रैंडेल ने पहली गेंद पर बोल्ड कर दिया। जायसवाल ने हालांकि दूसरे छोर पर आक्रामक रवैया अपनाया और उन्हें राठौड़ के रूप में अच्छा साथी भी मिला।
इन दोनों ने शॉट लगाने में किसी तरह की कोताही नहीं बरती। जायसवाल ने रैंडेल की गेंद पर डीप मिड-विकेट के ऊपर से छक्का मारकर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए। उन्होंने क्रिस्टियन क्लार्क और जैरोड मैकाय पर भी शानदार ड्राइव लगाए।
जायसवाल ने हालांकि डीन फॉक्सक्रॉफ्ट को विशेष निशाने पर रखा। उन्होंने अपने पांच छक्कों में से चार छक्के फॉक्सक्रॉफ्ट की गेंदों पर लगाए। जब कूकाबुरा गेंद पुरानी पड़ गई, तो गेंदबाजों के लिए कुछ भी खास नहीं बचा था।
गेंद की उछाल एक समान होने के कारण शॉट लगाना आसान हो गया था। जायसवाल ने स्लॉग स्वीप शॉट से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना 17वां शतक पूरा किया। इसके बाद वह अधिक आक्रामक हो गए और उन्होंने आगे बढ़कर कई दर्शनीय शॉट लगाए।
पहले मैच में 44 और 66 रन बनाने वाले राठौड़ ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी और दिखा दिया कि घरेलू क्रिकेट में उन्हें सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में क्यों गिना जाता है। उन्होंने चाय के विश्राम के बाद विदेशी धरती पर अपना पहला शतक पूरा किया।