By अंकित सिंह | Apr 04, 2025
जेल में बंद जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह राजनीतिक नेता हैं, आतंकवादी नहीं और दावा किया कि अतीत में सात प्रधानमंत्रियों ने उनसे बातचीत की थी। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और उज्ज्वल भुइयां की पीठ के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए मलिक ने सीबीआई का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलील का हवाला दिया कि आतंकवादी हाफिज सईद के साथ उनकी तस्वीरें थीं और इसे सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दैनिक समाचार पत्रों और टेलीविजन चैनलों ने कवर किया था।
मेहता ने तर्क दिया कि मौजूदा मामले में संघर्ष विराम का कोई महत्व नहीं है। पीठ ने कहा कि वह मामले के गुण-दोष पर निर्णय नहीं कर रही और केवल यह तय कर रही है कि उसे गवाहों से डिजिटल माध्यम से जिरह करने की अनुमति दी जानी चाहिए या नहीं। मलिक ने कहा कि वह सीबीआई की इस दलील का जवाब दे रहा था कि उसे जम्मू अदालत में भौतिक रूप से पेश नहीं किया जा सकता क्योंकि वह एक ‘‘खतरनाक आतंकवादी’’ है। उसने कहा, ‘‘सीबीआई की आपत्ति यह है कि मैं सुरक्षा के लिए खतरा हूं। मैं इसका जवाब दे रहा हूं। मैं आतंकवादी नहीं हूं और केवल एक राजनीतिक पार्टी का नेता हूं। मुझसे सात प्रधानमंत्रियों ने बात की है। मेरे और मेरे संगठन के खिलाफ किसी भी आतंकवादी को समर्थन देने या उन्हें किसी भी तरह की पनाह देने को लेकर एक भी प्राथमिकी दर्ज नहीं है। मेरे खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हैं लेकिन वे सभी मेरे अहिंसक राजनीतिक विरोध से संबंधित हैं।’’