By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 13, 2026
प्रतिष्ठित लॉर्ड्स स्टेडियम में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनी भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया का मानना है कि उनका ‘‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन आना अभी बाकी है।’’ भाटिया ने इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में 158 गेंद पर 113 रन बनाए, जिसके बाद भारत ने तीसरे दिन चायकाल के ठीक पहले अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी और मेजबान इंग्लैंड के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य रखा। भाटिया ने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘यह (लॉर्ड्स में शतक बनाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनना) अविश्वसनीय है क्योंकि छह महीने पहले मैं पूरी तरह से विपरीत स्थिति में थी और अगर तब किसी ने कहा होता कि मेरा नाम लॉर्ड्स के सम्मान बोर्ड में होगा तो मैं इस पर विश्वास नहीं करती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अभी तो इससे बेहतर प्रदर्शन करना बाकी है।
भाटिया ने कहा, ‘‘पर्दे के पीछे बहुत से लोग काम कर रहे हैं, मेरा परिवार, मेरे पिता, मां, मेरी बहन, वे मेरे लिए सबसे बड़ा सहारा रहे हैं। मेरे कोच, यहां टीम के सहयोगी स्टाफ के सदस्य और टीम के मेरे साथियों, सभी ने मेरा साथ दिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा सीओई (बीसीसीआई का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) भी, जहां मैंने चोट से उबरने की प्रक्रिया के दौरान काफी समय बिताया।इन सभी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनके बिना यह संभव नहीं होता।’’
भाटिया ने कहा कि जब वह चोट के कारण बाहर थी तब खेल के प्रति उनके जुनून ने उन्हें सकारात्मक मानसिकता बनाए रखने में मदद की। उन्होंने कहा, ‘‘सर्जरी के बाद मुझे बिल्कुल नए सिरे से शुरुआत करनी पड़ी। दो महीने तक मुझे पूरी तरह से आराम करना पड़ा। लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था कि मैं इस चोट से उबरकर वापसी कर सकती हूं।
चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं, लेकिन खेल के प्रति प्यार और खुद पर विश्वास रखना बेहद जरूरी है।’’ भाटिया ने अपने शतक के बारे में कहा, ‘‘मैंने शतक बनाने के बारे में नहीं सोचा, बल्कि अच्छी गति से बड़ा स्कोर बनाने पर ध्यान दिया ताकि हमें उनके 10 विकेट लेने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। यही मेरे दिमाग में था। देश के लिए खेलना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है।