By अभिनय आकाश | Jul 23, 2026
सऊदी ने ईरान हिमायती यमन के अंसारुल्लाह से दुश्मनी मोल तो ले ली है मगर अब खेला शुरू हो गया है। यमन के हूती अपनी पर आ जाए तो फिर रुकते नहीं है। अमेरिका हो या इसराइल सभी उनसे तौबा कर चुके हैं। ऐसे में ईरान अमेरिका जंग के बीच सऊदी ने हूतियों को ला रहे ईरान की महान एयरलाइंस के प्लेन पर जब से हमला किया है तब से हूतियों ने अपने दुश्मन सऊदी के खिलाफ ऐलान जंग कर रखा है। अब खबर है कि हूतियों ने अपने कंट्रोल वाले लाल सागर से ब्लॉकेट तोड़कर गुजरने की कोशिश कर रहे सऊदी के दो ऑयल टैंकरों को उड़ा दिया है। हूती का आरोप है कि दोनों जहाजों ने उनके घोषित नेवल ब्लॉकेट का उल्लंघन किया था। इसलिए उन्हें बैलेस्टिक और क्रूज मिसाइलों से निशाना बनाया गया है। अंसारुल्लाह ने जिन दो टैंकरों पर हमले का दावा किया है उनके नाम एनसेलिया और लैला बताए जा रहे हैं। इनमें से एनसेलिया पर हमले की पुष्टि समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने भी कर दी है।
हूती ने तो यह भी दावा किया है कि जब से उन्होंने नेवल ब्लॉकेट लगाया है तब से करीब 10 जहाजों को अपना रास्ता बदलकर लौटना पड़ा है। दरअसल 20 जुलाई को ईरान हिमायती यमन के अंसारुल्लाह और उनकी फौज ने सऊदी अरब के खिलाफ पूरी तरह समुद्री नाकेबंदी का ऐलान कर दिया है। यमन में होती आर्म्ड फोर्सेस के तर्जुमान ब्रिगेडियर जनरल यहयास सारी ने उस वक्त भी साफ कह दिया था कि नाकेबंदी तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और इसे आंख के बदले आंख की नीति के तहत उठाया गया कदम बताया गया है। मतलब सऊदी जैसा करेगा उसी तरह से भरेगा। कोई रियायत नहीं, कोई लिहाज नहीं, कोई दया नहीं। हूथियों ने साफ कह दिया है कि सऊदी अरब की किसी भी बेवकूफी भरी हरकत का जवाब पूरी और निर्णायक कारवाई से दिया जाएगा और दो जहाजों पर हमला करके अंसारुल्लाह ने वो कारवाई आखिर कर ही दी। यमन के अंसारुल्ला इल्जाम लगाते रहे हैं कि सऊदी की हुकूमत जालिम है। उसने साल 2015 के बाद से यमन पर सेंशंस लगाकर लाखों लोग मार दिए।