कोरोना वारयस और भारत के साथ गतिरोध के कारण चीन में जोर-शोर से नहीं मनाया गया योग दिवस

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 21, 2020

बीजिंग। कोरोना वायरस वैश्विक महामारी और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत के साथ जारी गतिरोध के कारण चीन में रविवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पहले की तरह जोर-शोर एवं उत्साह के साथ नहीं मनाया गया। चीन में योग बहुत लोकप्रिय है और देश अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कई समारोह आयोजित कर इसे मनाता रहा है। इस बार योग दिवस पर मुख्य कार्यक्रम ‘इंडिया हाउस’ में मनाया गया, जहां चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिस्री ने भारतीय एवं विदेशी राजनयिकों और उनके परिवारों के साथ मिलकर योग किया। मिस्री ने कहा कि इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कई ‘‘चुनौतियों’’ का सामना करना पड़ा है।

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मिस्री ने कहा, ‘‘इस समय योग की महत्ता पहले से कहीं अधिक है। कोविड-19 के इस संकट में हम जो तनाव और दबाव झेल रहे हैं, उससे योग पद्धति से संभवत: निपटा जा सकता है।’’ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चीन में कुछ योग संघों ने योग दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किए हैं। चीन में योग का प्रचार करने वाली लोकप्रिय संस्था ‘योगी योग’ के संस्थापक मोहन सिंह भंडारी ने बताया कि उसने ऑनलाइन योग सम्मेलन आयोजन किया।

चीन ने योग की लोकप्रियता के मद्देजनर चीन ने भारत के सहयोग से युन्नान प्रांत की राजधानी कुनमिंग स्थित युन्नान मिन्जु विश्वविद्यालय में योग महाविद्यालय की स्थापना की है। देश में योग इस बार उतने उत्साह से नहीं मनाए जाने का एक कारण पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय एवं चीनी बलों के बीच सोमवार को हुई हिंसक झड़प है। इस झड़प में 20 भारतीय सैन्यकर्मी शहीद हो गए थे। इसके बाद से क्षेत्र में स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है।

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