By अंकित सिंह | Jul 29, 2026
योग गुरु रामदेव ने बुधवार को कहा कि ब्राह्मणवाद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के ख़िलाफ़ 'आज़ादी' के नारों से चिंता नहीं होनी चाहिए, क्योंकि संविधान सभी समुदायों को समान अधिकार देता है। उत्तराखंड के हरिद्वार में पत्रकारों से बात करते हुए रामदेव ने कहा कि भले ही ब्राह्मणवाद या RSS के ख़िलाफ़ नारे लगाना गलत है, लेकिन संविधान सभी समूहों के लिए समान अधिकारों की गारंटी देता है। रामदेव ने कहा कि देश सड़कों से नहीं चलेगा। देश सिर्फ़ संसद से चलेगा। शिक्षा मंत्री कौन होगा, यह सड़कों पर तय नहीं होगा। देश के प्रधानमंत्री और संसद ही यह तय करेंगे।
उन्होंने जंतर-मंतर पर 'जेनरेशन Z' के विरोध प्रदर्शनों की भी आलोचना की और कहा कि इन प्रदर्शनों से भारत की बदनामी हुई। रामदेव ने कहा कि जेनरेशन Z जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुई और भारत को बदनाम किया। गाली-गलौज हमारी संस्कृति या स्वभाव नहीं है। हमने हमेशा अपने बड़ों का सम्मान किया है। हम अपने माता-पिता और गुरुओं द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चले हैं।
वहीं दूसरी ओर, 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने छात्र प्रदर्शनकारियों के साथ सरकार के बर्ताव की आलोचना की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर केंद्र के आश्वासन के बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रही, तो देश भर में फिर से विरोध प्रदर्शन होंगे। दिल्ली एयरपोर्ट के बाहर बात करते हुए, दिपके ने अधिकारियों पर NEET-UG 2026 पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया।
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