योग गुरु रामदेव बोले, दीपिका पादुकोण को मुझ जैसा कोई सलाहकार रख लेना चाहिये

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 13, 2020

इंदौर (मध्यप्रदेश)। योग गुरु रामदेव ने सोमवार को कहा कि सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक मुद्दों की सही समझ हासिल करने के लिये बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को उन जैसा कोई सलाहकार रख लेना चाहिये। रामदेव का यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय परिसर में हाल में हुए हमले के बाद वहां जाने को लेकर 34 वर्षीय अभिनेत्री को दक्षिणपंथी संगठनों और भाजपा नेताओं की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। रामदेव ने यहां संवाददाताओं से कहा,  दीपिका में अभिनय की दृष्टि से कुशलता होना अलग बात है। लेकिन सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक मुद्दों का ज्ञान हासिल करने के लिये उन्हें देश के बारे में और पढ़ना-समझना पड़ेगा। यह समझ हासिल करने के बाद ही उन्हें बड़े निर्णय लेने चाहिये। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि दीपिका पादुकोण को स्वामी रामदेव जैसा कोई सलाहकार रख लेना चाहिये जो उन्हें ऐसे मुद्दों पर सही बात बता सके। 

संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) का जोरदार समर्थन करते हुए रामदेव ने कहा,  जिन लोगों को सीएए का फुल फॉर्म तक नहीं पता है, वे आज इस विषय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिये अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री खुद कह चुके हैं कि यह कानून किसी व्यक्ति की नागरिकता छीनने के लिये नहीं, बल्कि नागरिकता देने के लिये बनाया गया है। फिर भी लोग आग लगाये जा रहे हैं। योग गुरु ने कहा,  कुछ लोग एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी) के नाम पर अराजकता फैला रहे हैं। वे  जिन्ना वाली आजादी  के नारे तक लगा रहे हैं। अब  जिन्ना वाली आजादी  का नारा कहां से आ गया? ऐसे विरोध प्रदर्शनों से देश और इसके संस्थानों की छवि खराब होती है। 

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रामदेव ने यह दावा भी किया कि भारत में दो से ढाई करोड़ लोग अवैध तौर पर रह रहे हैं। उन्होंने कहा,  दुनिया के किसी भी देश को  डम्पिंग यार्ड  की तरह इस्तेमाल किये जाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। भारत में एक भी अवैध नागरिक नहीं रहना चाहिये। अगर एनआरसी विरोधियों के पास इस प्रस्तावित प्रक्रिया का कोई विकल्प हो, तो वे बतायें। हिंदुत्व की राजनीतिक विचारधारा के जनक कहे जाने वाले विनायक दामोदर सावरकर से जुड़े सवाल पर योग गुरु ने कहा,  भारत की आजादी की लड़ाई वीर सावरकर के बिना अधूरी है। किसी व्यक्ति की एक-दो बातों को लेकर उसके पूरे चरित्र पर लांछन लगा देना बेहद ओछी हरकत है। भूल क्या महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरु ने नहीं की थी? कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रियंका गांधी वाड्रा के लिये  इंदिरा इज बैक  के नारे के इस्तेमाल पर रामदेव ने कहा,  अगर कोई पोती अपनी दादी का प्रतिरूप बनकर आये, तो यह संबंधित कुल के लिये गौरव की बात है और हम भी इसका स्वागत करेंगे। मैं तो चाहता हूं कि देश में सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष भी सबल होना चाहिये, तभी तो लोकतंत्र मजबूत होगा। 

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