योगी आदित्यनाथ का दावा, हॉटस्पॉट का यूपी मॉडल हुआ काफी लोकप्रिय

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 24, 2020

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि हॉटस्पॉट का यूपी मॉडल काफी लोकप्रिय हुआ है और यह हर हाल में सुनिश्चित होना चाहिए कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों में केवल मेडिकल, सेनिटेशन एवं होम डिलीवरी टीमें ही जाएं। योगी ने यहां अपने आवास पर आहूत बैठकों में कोरोना वायरस के नियंत्रण एवं लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कहा, प्रदेश में कोरोना प्रभावित क्षेत्रों को हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित करते हुए संक्रमण से बचाव के लिए अपनायी जा रही रणनीति अत्यन्त प्रभावी सिद्ध हो रही है। हॉटस्पॉट का यह ‘यूपी मॉडल’ काफी लोकप्रिय हुआ है। यह निरन्तर सुनिश्चित किया जाए कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों में केवल मेडिकल, सेनिटेशन तथा होम डिलीवरी टीमें ही जाएं। उन्होंने कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए लॉकडाउन के सफल क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लागू किये गये लॉकडाउन के निर्णय की विश्व में सराहना हो रही है। उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग को हर हाल में बनाए रखने के निर्देश भी दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों में 14 दिन का पृथक-वास (क्वैरंटाइन) पूरा कर चुके अपने प्रदेश के श्रमिकों, कामगारों तथा मजदूरों को चरणबद्ध तरीके से वापस लाएगा। इसके लिए एक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में सूची तैयार की जाए, जिसमें सम्बन्धित राज्य में स्थित प्रदेश के मजदूरों का विवरण दर्ज हो। उन्होंने कहा, ऐसे लोगों की स्क्रीनिंग व टेस्टिंग कराते हुए सम्बन्धित राज्य सरकार को इन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया प्रारम्भ करनी होगी। 

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प्रदेश की सीमा तक सम्बन्धित राज्य सरकार द्वारा इन्हें लाये जाने के बाद ऐसे लोगों को बस के द्वारा इनके जिले में भेजा जाएगा। यह लोग जिस जनपद में जाएंगे, वहां 14 दिन पृथक-वास करने के लिए पूरी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित कर ली जाएं। योगी ने कहा कि इसके लिए शेल्टर होम या आश्रय स्थल को खाली कर सेनेटाइज किया जाए। शेल्टर होम पर कम्युनिटी किचन के सुचारू संचालन के लिए सभी प्रबन्ध सुनिश्चित किये जाएं, ताकि इन लोगों के लिए ताजे व भरपेट भोजन की व्यवस्था हो सके। 14 दिन की संस्थागत क्वारंटीन पूरी करने वालों को राशन की किट व एक हजार रुपये के भरण-पोषण भत्ते के साथ घर में पृथक रहने के लिए घर भेजने की व्यवस्था की जाए।

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