NCR में Air Pollution फैलाने वाले उद्योगों पर होगी कार्रवाई, खेतों में पराली जलाने पर बढ़ेगी निगरानी

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 22, 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बढ़ते वायु प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते हुए रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्य सचिव एसपी गोयल ने पराली प्रबंधन को प्रभावी बनाने को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा की गई और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इसे भी पढ़ें: UP में डीलरों के लिए Sugar भंडारण सीमा तय, जमाखोरी रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी

अधिकारियों को पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खेत स्तर पर निगरानी बढ़ाने और किसानों को पराली नहीं जलाने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, पराली प्रबंधन के लिए उपलब्ध संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया गया। बैठक में वायु प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

इसे भी पढ़ें: Yogi Adityanath बोले, बौद्ध पर्यटन बनेगा UP और Japan के मजबूत संबंधों का आधार

अधिकारियों को बताया गया कि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाली औद्योगिक इकाइयों की नियमित जांच की जाए और नियमों का पालन नहीं करने वाले उद्योगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित प्रत्येक विभाग एक नोडल अधिकारी नामित करे, ताकि वायु प्रदूषण रोकथाम से जुड़े कार्यों की प्रभावी निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में धान की पराली के प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि पराली के प्रभावी प्रबंधन के लिए सभी आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएं।

प्रमुख खबरें

PM Modi ने किशोरियों के स्वास्थ्य पर जोर दिया, आंगनवाड़ी केंद्रों में जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान

ट्रेनें रोकने से देश का युवा नहीं थमेगा, Chirag Paswan ने विपक्ष के प्रदर्शन पर साधा निशाना

Team India कोच Gautam Gambhir के बार-बार बदलाव पर Shane Watson ने उठाए सवाल

Makhana Export को रफ्तार देगा Bihar, 2030-31 तक 30 हजार टन का लक्ष्य तय