राम मंदिर पर बोले योगी आदित्यनाथ, फैसला आने में 24 घंटे भी नहीं लगने चाहिए थे

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 12, 2019

लखनऊ। रामजन्मभूमि एक आस्था से जुड़ा विषय है और माननीय न्यायालय को भी जन आस्था का सम्मान करते हुए 24 घंटे के भीतर इसपर अपना फैसला सुना देना चाहिए, मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने आज विधान सभा में कहा। और जहां तक जमीन के बंटवारे का प्रश्न तो इलाहाबाद उच्च न्यायालय पहले ही कह चुकी है कि जहां रामलला विराजमान है, वही रामजन्म भूमि है। इसके बाद जमीन बंटवारे का विवाद खत्म हो जाता है। "रामजन्मभूमि पर मंदिर को लेकर जो लोग प्रश्न उठा रहे हैं। उन्हें मैं बताना चाहता हूं। हमने अपना काम किया, हम अपना काम कर रहे हैं। अयोध्या में आस्था का सम्मान होना ही चाहिए। न्यायालय को भी जनआस्था का सम्मान करना चाहिए। जब इलाहाबाद उच्च न्यायालय की तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने कहा कि जहां रामलला विराजमान है, वही रामजन्म भूमि है, तो जमीन बंटवारे का विवाद खत्म हो जाता है। मुझे लगता है कि 24 घंटे के अंदर इस पर फैसला आ जाना चाहिए, 25वां घंटा लगना ही नहीं चाहिए," सोमवार को विधानसभा में मुख्मंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा।

यह भी पढ़ें: लखनऊ के रोड शो के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा पर रहीं सबकी निगाहें

योगी जी ने कहा कि, "दीपावली का उत्सव मनाने हम लोग अयोध्या गए। देश दुनिया अयोध्या को श्रीराम के नाम से जानती है। किसी विदेशी आक्रांता के नाम पर नहीं जानती हैं। हमें इस बात की गौरव की अनुभूति है कि अयोध्या, मथुरा काशी तीनों हमारे प्रदेश में है। डा. राम मनोहर लोहिया ने एक बात कही थी कि राम, कृष्ण और शिव भारत के आदिराष्ट्र के पुरुष हैं। भारत राष्ट्र के आधार स्तंभ है। भारत को जोड़ने की आत्मा है। इस बात को लोहिया जी समझ सकते हैं, लेकिन उनके चेले नहीं समझ रहे हैं। क्योंकि समझने के लिए बुद्धि चाहिए, लेकिन वे बाहुबल पर सबकुछ हासिल करना चाहते हैं।" मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों के विषय में कहा कि, "इनके पास संस्कार ही नहीं है। ये लोग लोकतंत्र नहीं, लूट तंत्र पर विश्वास करने वाले लोग हैं। इन लोगों ने लोकतंत्र के नाम पर सारी व्यवस्था को हमेशा बर्बाद करने के लिए सारे यत्न किए हैं। राज्यपाल पर कागज के गोले छोड़े गए। यहां से किस प्रकार की नारेबाजी हो रही है। इस प्रकार का आचरण, पूरी विधायिका का कठघरे में खड़ा करता है। वे लोग सच्चाई को सुनने का हिम्मत नहीं रखते। वे लोग आरोप लगाकर भाग जाते हैं। स्थिति का सामना नहीं कर सकते हैं।"

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि, "पिछली सरकारों ने प्रदेश के अंदर जिस तरह से कॉरीडोर बनाने का प्रयास किया था, वह भ्रष्टाचार का कॉरोडीर था, अराजकता का था। पिछली सरकार इस प्रदेश के गुंडा, माफिया, समाज विरोधी तत्वों की हमदर्द सरकार थी। प्रदेश की सुरक्षा और राष्ट्र की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों का एक कॉरीडोर बनाकर प्रदेश को भ्रष्टाचार और अराजकता में धकेल रहे थे।... हम लोगों ने विगत 22 महीनों के दौरान प्रदेश के अंदर हमने सुरक्षा, विकास का कॉरीडोर बनाया है। 15 फरवरी को आदरणीय प्रधानमंत्री जी झांसी में डिफेंस का कॉरीडोर देने जा रहे हैं। हम आस्था और विश्वास का कॉरीडोर दे रहे हैं।" योगी जी ने कहा कि पिछली सरकार दंगाइयों को बढ़ावा देती थी। 2005 में जब अयोध्या में आतंकी हमला हुआ था, तब समाजवादी पार्टी की सरकार ने राम जन्म भूमि पर हमला करने वाले आतंकियों के मुकदमे वापस लेने का कुत्सित प्रयास किया था। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘’पहले जिले बना दिए गए, लेकिन पुलिस लाइन नहीं बनाई गई। 6 जिले में पुलिस लाइन के लिए हमारी सरकार पैसा दे रही है। आज कैराना और कांदला से किसी को भगाने का दुस्साहस नहीं कर सकता है। सरकार ने फैसला किया है कि कैराना और कांदला के बीच पीएसी की एक कंपनी स्थापित होगी।" मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, "स्मारक घोटाले में बड़ी मजेदार बात आई। पांच साल तक जो लोग कहते थे कि स्मारक काटकर बर्बाद कर देंगे। बिजली काट दी। पत्थर हट रहे थे, टूट रहे थे, उन लोगों ने कोई ऐसी शरारत नहीं छोड़ी कि स्मारक बर्बाद न हो। अब दोनों एक हो गए हैं।"

यह भी पढ़ें: राफेल सौदे के उजागर तथ्यों का संज्ञान लिए बिना कैग रिपोर्ट का कोई मतलब नहीं होगा: कांग्रेस

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज जब बहन जी को मूर्तियों का पैसा जमा करना पड़ेगा, हो सकता है कि सीटों की तरह इसमें पैसों का भी शेयर करें, करना भी चाहिए। अगर बुआ के पास पैसे की कमी पड़ जाए तो भतीजे को सहयोग करना चाहिए। क्योंकि इन लोगों ने खूब पैसा लूटा है। गोमती रिवर फ्रंट, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे में इन लोगों ने क्या नहीं किया? ये पैसा कहां जा रहा था, कौन मिडिल मैन था। कोर्ट स्मारकों का जौ पैसा जमा करने को कहेगा, वो बहुत ज्यादा 3000-4000 करोड़ रूपये होगा। इससे ज्यादा तो इन लोगों ने लूटा है। कोई आस्ट्रेलिया, तो कोई इंग्लैड में प्रॉपर्टी लिया होग, भारत में भी लिया होगा। ये तथ्य भी सामने आने चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि, "ये कोई खनन के ठेके नहीं थे, जो 2007 से लेकर 2017 के बीच हुए। किसी को भी दे दो, ये कोई टेंडर स्मारक के नहीं थी, अपनों को ठेका पट्टा बांट दो, 10 रुपए के पत्थर का 1000 रुपए ले लो। लेकिन जिन लोगों ने प्रदेश को लूटा है, अराजकता के माध्यम से पब्लिक को तबाह किया है, आज वे लोग हमसे सर्टिफिकेट मांग रहे हैं, लेकिन सत्य तो सत्य होता है। सत्य को आप पराजित नहीं कर सकते हैं। वे लोग सत्य को मौन रखने के लिए दंगा करेंगे।" 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, "प्रदेश के हर नागरिक के सुरक्षा की गारंटी ये सरकार देगी। लेकिन ओछे आरोप और अपने समय के कृत्यों पर इन लोगों को स्वयं विचार करना चाहिए। कैसे प्रदेश में दंगाइयों को बिठाकर मुख्यमंत्री आवास पर सम्मानित करते थे। हमारी सरकार आई तो वह पस्त है। आज दंगाई कह रहे हैं कि मुझे बख्श दो, हम ठेला लगा लेंगे। गुंडई भूल गए हैं। ठेला लगाकर अपने श्रम से स्वालांबन की तरफ बढ़ो। सरकार कई योजनाएं ला रही हैं। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट की योजना देश के अंदर एक अभिनव प्रयोग है।"

प्रमुख खबरें

SEBI Order के खिलाफ SAT पहुंचे Zee Entertainment और Punit Goenka, बुधवार को होगी अहम सुनवाई

Lionel Messi को चैंपियन बनाने वाले पिता Jorge Messi का निधन, दिग्गज Rafael Nadal ने जताया गहरा शोक

Aston Villa छोड़ PSG लौटे Lucas Digne, 11 साल बाद फिर पहनेंगे पेरिस की जर्सी, 2029 तक हुआ Deal साइन

5 साल के फतेह ने Thailand में रचा इतिहास, Gatka on Skates में जीता World Martial Arts Games Gold Medal