आखिर हिन्दू युवा वाहिनी का अस्तित्व क्यों हो रहा समाप्त ? कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को मिला दूसरे दलों का साथ

By अनुराग गुप्ता | Jan 01, 2022

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। जिसको लेकर राजनीतिक दलों ने मतदाताओं को लुभाने की कोशिशों शुरू कर दी है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विकास के मुद्दे पर आगे बढ़ रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता ने भाजपा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट दिया था। चुनाव जीतने के बाद भाजपा ने प्रदेश की जिम्मेदारी योगी आदित्यनाथ को सौंप दी। समय के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कद बढ़ता गया लेकिन उनकी हिन्दुत्व के मुद्दे पर बनाई गई हिन्दू युवा वाहिनी का कद कमजोर होने लगा। 

आपको बता दें कि सुनील सिंह हिन्दू युवा वाहिनी के अध्यक्ष रह चुके हैं और अब वो समाजवादी पार्टी के साथ हैं। योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बनने के बाद हिन्दू युवा वाहिनी पर ध्यान देना बंद कर दिए थे। जिसकी वजह से कुछ वक्त बाद जिला इकाई भंग हो गई थी। इसके बाद साल 2018 में बलरामपुर, मऊ की भी इकाईयां भंग हो गईं और धीरे-धीरे कार्यकर्ता और पदाधिकारी दूसरे दलों में चले गए। 

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हिन्दू युवा वाहिनी के पूर्व अध्यक्ष रहे सुनील सिंह का मानना है कि हिन्दू युवा वाहिनी अपना अस्तित्व खो चुकी है क्योंकि हिन्दुत्व के मुद्दे पर भाजपा के सामने कोई भी दल नहीं बढ़ पा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के निर्देश के बाद इसे भंग कर दिया गया था।

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