CM आवास योजना और आयुष्मान भारत कवर..UP की तीन तलाक और एसिड अटैक पीड़ितों के लिए योगी सरकार का बड़ा फैसला

By रेनू तिवारी | Jun 10, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए एक अभूतपूर्व कल्याणकारी खाका तैयार कर रही है। राज्य सरकार ने समाज की सबसे ज़रूरतमंद और पीड़ित महिलाओं—जिनमें तीन तलाक (Triple Talaq) से प्रभावित, एसिड अटैक (Acid Attack) की शिकार और बेसहारा या परित्यक्त (Abandoned) महिलाएं शामिल हैं—को मुख्यधारा में लाने के लिए एक विशेष योजना को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। इस संवेदनशील पहल के तहत पात्र पीड़ित महिलाओं को न केवल सुरक्षित छत (आवास) मुहैया कराई जाएगी, बल्कि उनके संपूर्ण इलाज और स्वास्थ्य सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सरकार उठाएगी।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद इस पहल पर तेज़ी से काम हो रहा है और महिला एवं बाल विकास विभाग लाभार्थियों का डेटा इकट्ठा कर रहा है। सरकार ने राज्य भर में पात्र महिलाओं की पहचान करने के लिए बड़े पैमाने पर डेटा इकट्ठा करने और उसकी पुष्टि करने का काम शुरू कर दिया है।

तीन श्रेणियों की महिलाओं को मिलेगा लाभ

अधिकारियों ने बताया है कि तीन मुख्य श्रेणियों की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी: तीन तलाक़ से प्रभावित महिलाएं, एसिड अटैक से बची महिलाएं और बेसहारा या छोड़ी गई महिलाएं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि इन समूहों को घर, स्वास्थ्य सेवा और व्यापक सामाजिक सुरक्षा का लाभ व्यवस्थित रूप से मिल सके।

अधिकारियों ने ज़ोर देकर कहा कि यह योजना सिर्फ़ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका ध्यान सुरक्षित घर और व्यापक स्वास्थ्य सेवा कवरेज के ज़रिए लंबे समय तक स्थिरता देने पर है, ताकि लाभार्थी सम्मानजनक और स्वतंत्र जीवन जी सकें।

सरकार पात्र लोगों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए कई विभागों के साथ तालमेल बिठा रही है और यह कोशिश कर रही है कि कोई भी ज़रूरतमंद महिला इस व्यवस्था से छूट न जाए।

CM योगी ने विकास कार्यों को समय पर पूरा करने का आदेश दिया

इससे पहले, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि राज्य में चल रहे और आने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता, मानकों और समय-सीमा से कोई समझौता न किया जाए।

लोक निर्माण विभाग की 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के ज़िलाधिकारियों, मंत्रियों और जन-प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने ज़ोर दिया कि सभी विकास प्रस्ताव स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार सावधानीपूर्वक तैयार किए जाने चाहिए।

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उन्होंने ज़िलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे चुने हुए जन-प्रतिनिधियों के साथ मिलकर काम करें और प्राथमिकता के आधार पर विकास योजनाओं को अंतिम रूप दें। उन्होंने अधिकारियों से एक हफ़्ते के भीतर ज़िलेवार प्रस्ताव जमा करने को भी कहा ताकि सरकार जून के पहले हफ़्ते तक कार्ययोजना को मंज़ूरी दे सके। मुख्यमंत्री ने साफ़ किया कि विभागीय अधिकारियों या ठेकेदारों की वजह से होने वाली किसी भी देरी या गड़बड़ी के लिए जन-प्रतिनिधियों को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों की यह ज़िम्मेदारी है कि वे यह सुनिश्चित करें कि प्रोजेक्ट समय पर और अच्छी क्वालिटी के साथ पूरे हों।

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