By नीरज कुमार दुबे | Jul 16, 2024
लोकसभा चुनावों के दौरान उत्तर प्रदेश में भाजपा और उसके नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का प्रदर्शन खराब रहा तो सारा ठीकरा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर फोड़ा जाने लगा। चुनावों में वोट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर मांगे गये थे लेकिन यूपी में भाजपा और उसके सहयोगी दलों को वोट कम मिलने का सारा भार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर डालने का प्रयास हो रहा है। रविवार को संपन्न यूपी भाजपा कार्यसमिति की बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार से बड़ा संगठन है, इसके जरिये उन्होंने यह संकेत देने का प्रयास किया कि संगठन पर इस समय सरकार हावी है। इसके अलावा, भाजपा के एक विधायक भी पार्टी आलाकमान से यूपी पर तत्काल ध्यान देने का आग्रह कर चुके हैं।
भाजपा से नाराजगी की खबरों पर संजय निषाद ने ऐसी किसी बात से इंकार किया मगर यह स्वीकार किया कि भाजपा के प्रति जनता की नाराजगी का खामियाजा सहयोगी दलों को भी भुगतना पड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा कि सच्चा सहयोगी वही है जो फायदे के समय ही नहीं बल्कि नुकसान के समय भी साथ रहे।