By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 11, 2019
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लोकभवन में मंत्रिमंडल की बैठक में 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस के निर्माण के लिए निर्माणकर्ताओं के चयन के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया है। इन दोनों परियोजनाओं से करीब 60 हजार लोगों को नौकरी मिलेगी। मंत्रिमंडल बैठक शुरू होते ही उच्चतम न्यायालय के अयोध्या फैसले पर प्रदेश में शांति व्यवस्था में सहयोग के लिये मुख्यमंत्री ने सबको बधाई दी।
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प्रवक्ता ने बताया कि यूपी सरकारी सेवक पद्दोनति नियमावली में बदलाव को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।ग्राम्य विकास विभाग द्वारा संचालित अंबेडकर विशेष रोजगार योजना के मार्गदर्शी सिद्धांतों को मंजूरी मिल गई है। योजना का नाम अब बाबा साहेब अम्बेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना होगा। अब टॉस्क फोर्स में कृषि उत्पादन आयुक्त की जगह ग्राम्य विकास आयुक्त होंगे और सचिव सदस्य होंगे। ई स्टाम्प नियमावली में बदलाव किया गया है। लाइसेंस होल्डर स्टाम्प विक्रेता अब कलेक्शन सेंटर होंगे। पहले 15 हजार तक का स्टाम्प बेच सकते थे। अब यह सीमा हटा दी गई है।मदरसा आधुनिकीकरण योजना के नए निर्देशों के अनुसार व्यय भार निर्धारण मंजूर कर लिया गया है। प्रदेश में चल रहे 7442 मदरसों को केंद्रांश 60% और राज्यांश 40% दिया जाएगा। अब योजना का नाम ‘स्कीम फॉर प्रोवाइडिंग एजुकेशन इन मदरसा’ कर दिया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय के लिये राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 में संशोधन को मंजूर कर लिया गया है।
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अलीगढ़ के साथ ही एटा, कासगंज और हाथरस इसके क्षेत्राधिकार में आयेंगे। जब तक विश्वविद्यालय की नियमावली नहीं बन जाती है, तब तक भीम राव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा इस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कॉलजों का संचालन करेगा। कुशीनगर में मैत्रेय ट्रस्ट के साथ विकास योजना के एमओयू को निरस्त किया गया। 2003 में हुए समझौते को 2014 में संशोधित किया गया था। 195 एकड़ जमीन दी गई थी। इस परियोजना के तहत कसया तहसील में 180 एकड़ खरीदी गई और 16 एकड़ जमीन ग्राम समाज की दी गई। 2017 तक कोई काम नहीं हुआ। लगातार नोटिस देने के बाद भी उन्होंने न डीपीआर दिया और न ही वित्त की व्यवस्था कैसे होगी, यह बताया। अब पर्यटन विभाग इसको विकसित करेगा। बुद्ध प्रतिमा, ध्यान केंद्र, जलाशय आदि विकसित किए जाएंगे।गोरखपुर गेस्ट हाउस के सामने 1500 वर्ग मीटर में नगर निगम का नया भवन बनेगा जिसकी लागत 23.45 करोड़ रुपये होगी।