• भारत की संवैधानिक व्यवस्था और लोकतंत्र की मजबूती का प्रमाण है अयोध्या का फैसला: योगी

पिछले ढाई साल में अयोध्या के विकास के लिए ठोस योजनाओं को रखा गया। देश और दुनिया के अंदर अयोध्या एक नई चमक और आभा के साथ उत्तर प्रदेश की इस इन धारणा को प्रस्तुत करने में सफल रहा है।’

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि श्रीराम जन्मभूमि विवाद पर आये फैसले के बाद सभी लोग आपसी सद्भाव और सौहार्द बनाए रखें।  उन्होंने शीर्ष अदालत के फैसले को स्वीकारते हुए कहा कि इस फैसले ने देश और दुनिया में भारत की संवैधानिक व्यवस्था और लोकतंत्र की मजबूती को फिर से साबित कर दिया है। 

योगी ने कहा, ‘‘शांति, सौहार्द औऱ एकता बनाए रखने के लिए मैं सभी संस्थाओं औऱ संगठनों को ह्रदय से बधाई देता हूं।’’सरकारी प्रवक्ता द्वारा जारी बयान के अनुसार योगी ने कहा कि भारत के प्रति प्रेम रखने वालों ने इस फैसले को मुक्त कंठ से सराहा है। उन्होंने मीडिया का भी धन्यवाद किया और कहा कि मीडिया ने पूरे फैसले को सकारात्मक तरीके से प्रस्तुत करने का काम किया है। योगी ने कहा कि निश्चित ही यह फैसला बहुत कुछ संदेश दे रहा है। एक भारत और श्रेष्ठ भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने, किसी परिवार या किसी वर्ग, समुदाय या धर्म से उठकर जो फैसला दिया गया है और जिस प्रकार से इसे लोगों ने स्वीकारा है वह प्रशंसनीय है। 

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उन्होंने कहा कि पांचों न्यायमूर्तियों ने जिस प्रकार से एकमत होकर यह फैसला दिया है और जिस प्रकार इसे देश की जनता ने उसे स्वीकारा है, वह इस बात को दर्शाता है कि ये एक दूसरे के विश्वास और उन कठिन से कठिन परिस्थतियों में भी संवैधानिक दायरे में रहकर के हम बड़े से बड़े निर्णय ले सकते हैं। योगी ने कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री बनने के बाद जब मैं पहली बार अयोध्या गया था, तो किस प्रकार अयोध्या की अनदेखी की गई- ये साफ दिखाई देता था। पिछले ढाई साल में अयोध्या के विकास के लिए ठोस योजनाओं को रखा गया। देश और दुनिया के अंदर अयोध्या एक नई चमक और आभा के साथ उत्तर प्रदेश की इस इन धारणा को प्रस्तुत करने में सफल रहा है।’