By प्रेस विज्ञप्ति | May 26, 2022
लखनऊ। प्रदेश में स्मार्ट शहरों की लम्बी श्रृंखला बनाने में जुटी योगी सरकार ने अपने द्वितीय कार्यकाल के पहले वित्तीय बजट में नगर विकास विभाग को बड़ी सौगात दी है। सरकार का मुख्य फोकस स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहरों को सुंदर, स्वच्छ बनाने पर है। शहरों में बसने वाली जनता को मूलभूत सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी सरकार का उद्देश्य है। इस कार्य को आगे बढ़ाते हुए गुरुवार को बजट सत्र के दौरान प्रदेश सरकार ने केन्द्र स्मार्ट सिटी के तहत चयनित 10 शहरों के लिए 2000 करोड़ रुपए और राज्य स्मार्ट सिटी में चयनित 7 शहरों के लिए 210 करोड़ रुपए की व्यवस्था की है।
मलिन बस्तियों और नगर पंचायतों को मिलेंगी और अधिक सुविधाएं
योगी सरकार ने प्रदेश में मलिन बस्तियों के विकास और नगर पंचायतों में सुविधाओं को बढ़ाने के लिए बजट में प्राविधान किया है। नगर पंचायतों के विकास के लिए सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना के तहत 200 करोड़ रुपए और मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित व मलिन बस्ती योजना के लिए बजट में 215 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है।
स्वच्छ भारत मिशन के लिए बड़ी सौगात
योगी सरकार ने प्रदेश में भारत सरकार की स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) योजना के लिए बजट में 1353 करोड़ 93 लाख रुपए प्रस्तावित किये हैं। सरकार की मंशा योजना के तहत शहरों को और अधिक स्वच्छ बनाने की है।
बजट में अमृत योजना को मिले 2200 करोड़ रुपए
भारत सरकार की प्रत्येक घर को नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की सुविधा दिए जाने की योजना को रफ्तार देने के लिए सरकार ने बजट जारी किया है। अमृत 2.0 के लिए 2000 करोड़ रुपए प्रस्तावित किये हैं। जबकि पूर्व से चल रही अमृत योजना के कार्यों के लिए 2200 करोड़ रुपए की बजट में व्यवस्था की है।
कान्हा गौशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना तेजी से बढ़ेगी आगे
सरकार का प्रयास बेसहारा पशुओं का आश्रय देना है। ग्राम पंचायतों में पशुओं के लिए कान्हा गोशाला और पशु आश्रय स्थल खोले जा रहे हैं। सरकार ने बजट में इसके लिए बजट में कान्हा गौशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना के लिए 100 करोड़ रुपए की व्यवस्था की है