By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 11, 2022
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर हिंसा और इसके बाद विभिन्न जिलों में शुक्रवार को नमाज के बाद हिंसा का संज्ञान लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाईऐसी हो जो असामाजिक तत्वों के लिए एक नजीर बने और माहौल बिगाड़ने के बारे में कोई सोच भी न सके। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह कार्रवाई जारी रखने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने शनिवार को प्रदेश भर के जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और शीर्ष पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कानून—व्यवस्था की समीक्षा की और कहा कि हम एक लोकतांत्रिक देश के नागरिक हैं, ऐसे में हमें सभी पक्षों से संवाद बनाए रखना होगा। धर्मगुरुओं/सिविल सोसाइटी से सतत संवाद-संपर्क बनाए रखने की हिदायत के साथ योगी ने अधिकारियों से दो टूक कहा कि इसके साथ-साथ उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई भी जारी रखी जाए और कार्रवाई ऐसी हो जो असामाजिक सोच रखने वाले सभी तत्वों के लिए एक नजीर बने। माहौल बिगाड़ने के बारे में कोई सोच भी न सके।
मुख्यमंत्री ने हिंसा में संपत्तियों की होने वाली क्षति के संदर्भ में निर्देश दिया कि प्रत्येक दशा में सार्वजनिक/आमजन की संपत्ति को हुई क्षति की वसूली संबंधित दोषी व्यक्ति से ही कराई जाए। उन्होंने संदिग्धों और साजिशकर्ताओं के बैंक खातों का पूरा विवरण एकत्र करने को भी कहा और यह भी निर्देश दिया कि इनके वित्तीय स्रोत की गहनता से पड़ताल की जाए और ऐसे प्रकरणों में वरिष्ठ अधिकारी नेतृत्व करें। उन्होंने कहा कि बुल्डोजर की कार्रवाई पेशेवर अपराधियों/माफियाओं के विरुद्ध है, यह कार्रवाई सतत जारी रखी जाए और प्रदेश में किसी गरीब के घर पर गलती से भी कोई कार्रवाई नहीं होगी। गौरतलब है कि तीन जून को कानपुर में उस समय हिंसा भड़क उठी थी जब कुछ लोग भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा के पैगंबर मोहम्मद पर कथित विवादित टिप्पणियों को लेकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुये जमा हुये थे। इस घटना में कुछ पुलिसकर्मियों समेत 40 लोग घायल हो गए। दंगाइयों ने पेट्रोल बम भी फेंके और दुकानों तथा वाहनों समेत सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। शुक्रवार को इसी मामले को लेकर जुमे की नमाज के बाद फिर कई जिलों में हिंसा हुई।