पश्चिमी दुनिया के प्लेबॉय अर्देशिर ज़ाहेदी की 93 वर्ष की उम्र में मौत

By चेतन त्रिपाठी | Nov 22, 2021

अर्देशिर ज़ाहेदी  एक ऐसा नौकरशाह जसकी चर्चा राजनीतिक गलियारों से लेकर हॉलीवुड तक होती थी। ईरान में शाह के शासन के दौरान अमेरिका में ईरान का तेजतर्रार राजदूत, जिसने 1979 की इस्लामिक क्रांति तक अपनी भव्य पार्टियों  से हॉलीवुड सितारों और राजनेताओं दोनों को मंत्रमुग्ध कर दिया था, का गुरुवार को निधन हो गया।  वह 93 वर्ष के थे। ज़ाहेदी ने वाशिंगटन के सामाजिक परिदृश्य में ऐसी यादगार उपस्थिति दर्ज कराई  कि एक अखबार की रिपोर्ट ने उन्हें "पश्चिमी दुनिया के प्लेबॉय" और राजधानी के "सबसे अधिक मांग वाले स्नातक" दोनों के रूप में संबोधित किया। अर्देशिर ज़ाहेदी एलिजाबेथ टेलर के साथ अपने प्रेम संबंधों के लिए भी चर्चा में रहे ।

इस्लामिक क्रांति की शुरुआत में जब शाह मोहम्मद रजा पहलवी जो कि कैंसर से गंभीर रूप से पीड़ित थे, देश छोड़कर भाग गया तो ज़ाहेदी की शानदार पार्टियों की मेजबानी करने वाले ईरानी दूतावास ने भी अपने हांथ खींच लिए। जाहेडी लंबे समय के लिए नेपथ्य में चले गए। ज़ाहेदी अपने अंतिम समय मे स्विट्ज़रलैंड में बस गए थे।बीबीसी ने बताया था कि वह हाल ही में बीमार थे।

कौन थे अर्देशिर ज़ाहेदी 

ज़ाहेदी जनरल फ़ज़लुल्ला ज़ाहेदी के बेटे थे, फ़ज़लुल्ला ज़ाहेदी ने 1953 में सीआईए-समर्थित तख्तापलट देश के निर्वाचित प्रधान मंत्री के खिलाफ सत्ता में स्थापित किया, युवा शाह के शासन को मजबूत किया। ज़ाहेदी शाह की पहली बेटी शहनाज़ से शादी की हालांकि ये शादी सिर्फ सात साल चली। शाह जाहेदी को अपने बेटे की तरह मानते थे, एक भरोसेमंद सलाहकार के रूप में जाहेदी ने शाह के लिए  हमेशा काम किया।शाह के शीर्ष राजनयिक के रूप में वाशिंगटन लौटने से पहले ज़ाहेदी अमेरिका और ब्रिटेन में राजदूत के साथ-साथ ईरान के विदेश मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे।

प्रमुख खबरें

बार-बार चुनाव विकास में बाधा: Shivraj बोले, एक देश, एक चुनाव से बदलेगी तस्वीर!

PMFME Scheme को आगे बढ़ाएगा खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय, 2 लाख इकाइयों का लक्ष्य पूरा

Bethlehem Kudumba Unit Movie Review | निविन पॉली और ममिता बैजू की सहज केमिस्ट्री से सजी एक प्यारी, भावुक और हल्की-फुल्की रोमांटिक स्टोरी

अब तक Jammu में Party Meetings करती रही BJP ने पहली बार Muslim बहुल Kashmir में बैठक कर दिये बड़े सियासी संकेत