By अनन्या मिश्रा | Mar 09, 2026
तबला वादक जाकिर हुसैन का आज ही के दिन यानी की 09 मार्च को जन्म हुआ था। वह तबले पर अपनी उंगलियों और हाथ की थाप से जादू का संसार बना देते थे। इसलिए उनको उस्ताद जाकिर हुसैन कहा जाता था। उन्होंने बॉलीवुड की कई फिल्मों में भी संगीत का जादू बिखेरा है। बता दें कि उनको सिर्फ तबले पर ही महारत नहीं हासिल थी, बल्कि वह म्यूजिक भी कंपोज करते थे। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर जाकिर हुसैन के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
मुंबई में 09 मार्च 1951 को जाकिर हुसैन का जन्म हुआ था। उनके पिता का नाम अल्लारक्खा खान था। जाकिर को अपने पिता से यह हुनर विरासत में मिला था। जाकिर हुसैन के पिता अल्ला रक्खा खान खुद एक मशहूर तबला वादक थे।
जाकिर हुसैन ने महज 11 साल की उम्र में अमेरिका में अपना पहला कंसर्ट किया था। शुरूआत में जाकिर ने पारंपरिक भारतीय शास्त्रीय संगीत में रुचि दिखाई, लेकिन उन्होंने जल्द ही पश्चिमी संगीत को भी अपनी शैली में शामिल किया। सिर्फ 3 साल की उम्र से उन्होंने अपने पिता से पखावज सीखना शुरूकर दिया था। साल 1987 में उन्होंने अपना पहला सोलो म्यूजिक एल्बम रिलीज किया था। इस एल्बम का नाम 'मेकिंग म्यूजिक' था।
जाकिर एक महान तबलावादक होने के साथ शानदार अभिनेता भी थे। उनके संगीत ने सिनेमा पर गहरा असर डाला है। उन्होंने 'मिस बीटीज चिल्ड्रन', 'द परफेक्ट मर्डर', 'मंटो' और 'साज' जैसी फिल्मों के लिए काम किया था। साल 1983 में आई फिल्म 'हीट एंड डस्ट' में पहली बार अभिनय किया था। इस फिल्म में अभिनेता शशि कपूर मुख्य भूमिका में थे।
तबला वादक जाकिर हुसैन को संगीत की दुनिया का सबसे बड़ा सम्मान ग्रेमी अवॉर्ड मिला था। यह सम्मान उनको दो बार मिला था। इतनी लोकप्रियता के बाद भी उन्होंने कभी खुद को बेस्ट तबला वादक नहीं माना। इसके अलावा उनको पद्मश्री, पद्म भूषण और संगीत नाटक अकादमी की ओर से भी सम्मान मिल चुका है।
प्रसिद्ध तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन की 73 साल की आयु में 15 दिसंबर 2024 को अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में निधन हो गया था।